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Tikamgarh News: बड़ागांव अस्पताल की लापरवाही! रेफर की गई महिला ने देर रात सड़क किनारे दिया बच्ची को जन्म

Thu, 30 Jul 2026 12:43 PM IST
टीकमगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़

टीकमगढ़ के बड़ागांव में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक घटना सामने आई है। यहां गांव ककारवाहा निवासी गर्भवती महिला गीता कुशवाहा ने आधी रात अस्पताल से करीब एक किलोमीटर दूर सड़क किनारे इमली के पेड़ के नीचे बच्ची को जन्म दिया। सुबह स्थानीय लोगों की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जच्चा-बच्चा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव में भर्ती कराया, जहां दोनों का उपचार जारी है।

जानकारी के अनुसार, प्रसव पीड़ा होने पर गीता को देर रात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव लाया गया था। अस्पताल में मौजूद चिकित्सक ने जांच के दौरान महिला में खून की कमी (एनीमिया) बताते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में प्रसव नहीं कराया गया, जिसके बाद महिला वहां से निकल गई।

रात करीब दो बजे अस्पताल से लगभग एक किलोमीटर दूर इमली के पेड़ के नीचे प्रसव पीड़ा तेज होने पर उसने एक बच्ची को जन्म दिया। महिला के साथ मौजूद दूसरी महिला ने जच्चा और नवजात को पास के चबूतरे पर सुरक्षित रखा और पूरी रात वहीं बिताई।

सुबह जब स्थानीय लोगों की नजर जच्चा और नवजात पर पड़ी तो उन्होंने तत्काल अस्पताल प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही नर्सिंग स्टाफ मौके पर पहुंचा और ऑटो के माध्यम से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाकर भर्ती कराया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की हालत सामान्य बताई जा रही है।

घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रसव कराने पहुंची महिला को भर्ती करने के बजाय जिला अस्पताल जाने के लिए कह दिया गया, जिससे मजबूर होकर वह अस्पताल से चली गई और रास्ते में ही प्रसव हो गया। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर उपचार और देखभाल मिल जाती तो महिला को सड़क किनारे बच्ची को जन्म देने जैसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।

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वहीं, अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि महिला में खून की गंभीर कमी होने के कारण उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था। परिजनों से संपर्क करने का भी प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। सुबह सूचना मिलने पर तत्काल स्वास्थ्य टीम भेजकर जच्चा-बच्चा को अस्पताल लाकर भर्ती किया गया। घटना के बाद ग्रामीण क्षेत्र की मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और रेफरल व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे है

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