जिले के बल्देवगढ़ में तहसीलदार द्वारा रेत का अवैध परिवहन करते हुए तीन ट्रैक्टर ट्रॉली को जब्त किया गया है। बल्देवगढ़ तहसीलदार अरविंद यादव ने रविवार की शाम जानकारी देते हुए बताया कि बल्देवगढ़ के ग्रामीण अंचलों से लगातार रेत का अवैध परिवहन और खनन किया जा रहा है। जिसकी शिकायत लंबे समय से मिल रही थी, उन्होंने बल्देवगढ़ नगर के पास आज वाहन चेकिंग करके तीन ट्रैक्टर ट्रॉली को जब्त किया है।
उन्होंने बताया कि बल्देवगढ़ तहसील में ना तो कोई रेत की खदान है और ना ही परिवहन की कोई परमिशन दी गई है। इसके बाद भी ट्रैक्टर ट्रालियों से ग्रामीण अंचलों की नालों से रेत का अवैध खनन करके ट्रैक्टर ट्रॉली भरकर बल्देवगढ़ नगर में आते हैं, जहां पर महंगी दामों में रेत बेचकर माफिया पैसा कमा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सूचना मिलने पर तीन ट्रैक्टर ट्रॉली को जब्त किया गया है। जिनके खिलाफ अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
पकड़े गए तीन ट्रैक्टर ट्रॉली
बल्देवगढ़ तहसील अरविंद यादव ने बताया कि आज जो तीन ट्रैक्टर ट्रॉली पकड़े गए हैं, उसमें अरविंद सिंह, बृजेश सिंह और महेंद्र सिंह के ट्रैक्टर हैं जो लगातार रेत का अवैध खनन और परिवहन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पकड़े गए तीनों ट्रैक्टरों पर पंचनामा की कार्रवाई कर ली गई है और आगे कार्रवाई की जा रही है।
लगातार हो रहा है रेत का अवैध खनन और परिवहन
टीकमगढ़ जिले में पिछले 1 साल से कोई भी रेत की खदान स्वीकृत नहीं हुई है और ना ही कोई टेंडर हुए। इसके बाद भी रेत का अवैध परिवहन और खनन धड़ल्ले से हो रहा है। अकेले बल्देवगढ़ ही नहीं बल्कि टीकमगढ़ जिले के पलेरा, जतारा और टीकमगढ़ शहर में ट्रैक्टर ट्रॉली और ट्रैकों के माध्यम से रेत का अवैध परिवहन खुलेआम होता है। ऐसा नहीं है कि खनिज विभाग को इसकी जानकारी नहीं है या पुलिस प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है। जब भी मीडिया में कोई खबर आती है तो पुलिस एक कार्रवाई करके इतिश्री कर लेती है। इसी तरह खनिज विभाग का हाल है। टीकमगढ़ जिले के खनिज अधिकारी प्रशांत तिवारी कहते हैं कि उनके पास पर्याप्त बल नहीं है और उन्हें पुलिस व्यवस्था नहीं मिलती है, जिस कारण माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाते हैं।