बुंदेलखंड की अयोध्या के नाम से विख्यात राजा राम की नगरी ओरछा में भगवान राजा राम बीती रात्रि जल बिहार के लिए मंदिर से बाहर निकले और उन्होंने बेतवा नदी के घाट पर पहुंच कर जल विहार किया। इस उत्सव में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे एवं धार्मिक स्थल और बुंदेलखंड की अयोध्या कहीं जाने वाली ओरछा में भी जल विहार महोत्सव धूमधाम से मनाया गया।
बीति रात्रि भगवान राजा राम मंदिर से बाहर निकलकर के मां बेतवा के घाटों पर पहुंचे। उन्होंने जल विहार किया, इसके बाद महा आरती का आयोजन किया गया। ओरछा के रहने वाली वरिष्ठ पत्रकार और इतिहासकार पंडित जगदीश तिवारी कहते हैं कि बुंदेलखंड में ही नहीं बल्कि विश्व में एक ऐसा मंदिर है, जहां भगवान राम को राजा के रूप में पूजा जाता है। इसके साथ ही उन्हें सलामी दी जाती है। सैंकड़ों साल पुराने इस मंदिर की परंपरा चली आ रही है। उन्होंने बताया कि बीती रात्रि राजा राम भगवान पालकी में सवार होकर के मंदिर से बाहर निकले और ओरछा के किनारे नदी बेतवा में पहुंच करके उन्होंने स्नान और जलविहार किया। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड में जल विहार का विशेष महत्व और धार्मिक ग्रंथों में भी इसका वर्णन है। बरसात के बाद जब नदियां प्रदूषित हो जाती है तो उनको शुद्ध करने के लिए भगवान को जल विहार कराया जाता है। इसी परंपरा का निर्बाध करते हुए रविवार की रात भगवान मंदिर से बाहर निकले और उन्होंने बेतवा नदी के घाट पर पहुंचकर के स्नान किया और जल विहार किया, इसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु साथ रहे।
महा आरती का हुआ आयोजन
राजाराम को जल विहार करने के बाद बेतवा नदी के घाट पर महा आरती का आयोजन किया गया किया गया जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। विश्व का पहला मंदिर है जहां भगवान राजा राम को गार्ड आफ ऑनर दिया जाता है। रात्रि में जैसे ही भगवान राजा राम मंदिर से पालकी में सवार होकर बाहर निकले तो मध्यप्रदेश पुलिस बल के जवानों ने उन्हें गॉर्ड आफ ऑनर दिया। ओरछा के मंदिर में गॉड ऑफ ऑनर देने की परंपरा राजशाही के दौर से चली आ रही है, जिसे मध्यप्रदेश सरकार भी निभा रही है। यह परंपरा सैकड़ों साल पुरानी बताई जाती है।