टीकमगढ़ शहर के ढोंगा क्षेत्र में स्थित एक आयल मिल में शुक्रवार सुबह अचानक धुआं उठने लगा। जैसे ही इसकी सूचना प्रशासन को मिली, नगर पालिका की फायर ब्रिगेड तुरंत मौके पर पहुंची। लेकिन, तब तक आग की लपटें तेज हो चुकी थीं। आग पर चार घंटे बाद भी काबू नहीं पाया जा सका था। जानकारी लगने पर टीकमगढ़ कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
टीकमगढ़ एसडीएम संजय दुबे ने बताया कि टीकमगढ़ जिले की फायर ब्रिगेड सुबह 9:00 बजे से लगातार आग बुझाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन बीच-बीच में आग अचानक तेज हो जाती है, जिससे फायर ब्रिगेड को बुझाने में दिक्कत हो रही है। तेल का अधिक भंडार होने के कारण आग बुझाने में कठिनाई हो रही है। फिलहाल इस बात का खुलासा नहीं हुआ है कि आग कैसे लगी।
ये भी पढ़ें: जिले में भिक्षावृत्ति पर प्रतिबंध, कलेक्टर ने जारी किया आदेश, लोगों से भी की सहयोग की अपील
एसडीएम संजय दुबे ने बताया कि यह आयल मिल टीकमगढ़ शहर के रहने वाले छेदी साहू की है, जहां सरसों का तेल तैयार किया जा रहा था। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। आग लगते ही मिल के कर्मचारी तुरंत बाहर निकल आए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग बुझाने के बाद ही इसके कारणों का पता चल सकेगा।
ये भी पढ़ें: सुबह 7 बजे से होली का धमाल, सड़कों पर उमड़ा रंगों का सैलाब, पर्यटन स्थलों पर भी जुट रही भीड़
बीना रिफाइनरी की फायर ब्रिगेड बुलाई गई
संजय दुबे ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पाने के लिए बीना रिफाइनरी की फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई है। उन्होंने कहा कि तेल की आग बुझाने में बीना रिफाइनरी की फायर ब्रिगेड एक्सपर्ट होती है, इसलिए जैसे ही वे पहुंचेंगे, आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया जाएगा। एसडीएम ने बताया कि आग ऑयल मिल के स्टोर में लगी थी, जहां मालिक द्वारा बड़ी मात्रा में तेल का भंडारण किया गया था। हजारों टीन सरसों के तेल की वजह से आग तेजी से फैली और इसे बुझाने में मुश्किल हो रही है।
ये वीडियो भी देखिए...