टीकमगढ़ जिला अस्पताल में सेवानिवृत्त कर्मचारी से बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए नेत्र सहायक उमेश जैन को लोकायुक्त सागर ने रंगे हाथों किया गिरफ्तार किया है।
सोमवार दोपहर टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय में उस समय हलचल बढ़ गई, जब वहां पदस्थ सहायक नेत्र प्रभारी उमेश जैन को सागर लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। सागर लोकायुक्त टीम के अनुसार टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य विभाग से रमेशचंद्र नायक सेवानिवृत्त हो गए थे। इनकी पेंशन और जमा निधि निकालने के लिए स्थापना के पदस्थ संतोष अंबेडकर द्वारा रिश्वत मांगी गई थी और संतोष अंबेडकर ने नेत्र सहायक उमेश जैन से मिलने को बोला। उमेश जैन ने रमेश चंद्र नायक से 28 हजार रुपये की मांग की और 28000 रुपये रिश्वत देने पर कार्य करने की बात पर सहमति हुई। इसके बाद रमेश चंद्र नायक ने सागर लोकायुक्त को 25 सितंबर को लिखित आवेदन दिया और पूरी घटना से अवगत कराया। सोमवार दोपहर सागर लोकायुक्त की टीम ने छापा मार कार्रवाई की और उमेश जैन को 20 हजार की रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
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संतोष अंबेडकर पर लग चुके हैं कई आरोप
टीकमगढ़ शहर के सिविल लाइन में सांसद और केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक के बंगले के पास पहचान पत्र संतोष अंबेडकर के घर के बाहर मिले थे, जिसमें जांच में पुष्टि हुई थी। पर कार्रवाई आज तक नहीं हुई। साथ ही लंबे समय से उनके ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे। इसके पहले जतारा में भी उनके खिलाफ विभागीय जांच हुई थी। उमेश जैन भी लंबे समय से टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय में अपनी सेवा दे रहे हैं, जिनके ऊपर कई बार भ्रष्टाचार के आरोप कर्मचारियों द्वारा लगाए गए हैं, लेकिन आज सागर लोकायुक्त ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।