मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित निवाड़ी दौरे से पहले जिले में राजनीतिक माहौल गरमा गया। मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व प्रदर्शन की तैयारी कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने एहतियातन हिरासत में ले लिया। पुलिस कार्रवाई के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कार्रवाई का विरोध जताया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और विरोध-प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन से पहले ही हिरासत में ले लिया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की।कांग्रेस नेताओं का कहना था कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल और नागरिक को अपनी बात रखने तथा शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। उनका आरोप है कि सरकार के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाने के लिए प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताया।
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वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने और वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर निवाड़ी जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस की मौजूदगी में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
मुख्यमंत्री के दौरे से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हिरासत को लेकर जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने कार्रवाई को लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास बताया है, जबकि प्रशासन का कहना है कि सभी कदम कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाए गए।