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Tikamgarh News: राशन न मिलने से बिफरा व्यक्ति, कलेक्ट्रेट गेट पर आत्महत्या का किया प्रयास; क्यों आई यह स्थिति?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़ Updated Tue, 23 Dec 2025 04:49 PM IST

टीकमगढ़ जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब राशन न मिलने की शिकायत लेकर पहुंचे एक व्यक्ति ने मेन गेट पर हाई वोल्टेज ड्रामा कर दिया। कंचनपुरा मोहनगढ़ निवासी घंसू प्रजापति ने अचानक कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर चढ़कर अपना सिर गेट की चैनल से मारना शुरू कर दिया और साथ लायी रस्सी से फांसी लगाने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद होमगार्ड जवानों और पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे नीचे उतारा और स्थिति को संभाला।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घंसू प्रजापति अपने परिजनों के साथ दोपहर में कलेक्ट्रेट पहुंचा था। कुछ ही देर में वह उत्तेजित हो गया और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए ड्रामा करने लगा। उसने आरोप लगाया कि उसे बीते चार महीनों से सरकारी राशन नहीं मिला है, जिससे उसका परिवार भुखमरी की कगार पर है। इस दौरान कलेक्ट्रेट गेट पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और सुरक्षा व्यवस्था भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। कलेक्टर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि संबंधित व्यक्ति ने निर्धारित समय पर राशन लेने के लिए दुकान पर उपस्थिति नहीं दी थी। फिर भी मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एडीएम स्तर की जांच कमेटी गठित की गई है, जो यह स्पष्ट करेगी कि वास्तव में राशन वितरण में कोई लापरवाही हुई या नहीं।

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बताया जा रहा है कि घंसू प्रजापति का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले वह मोहनगढ़ तहसील परिसर में भी इसी तरह फांसी लगाने का ड्रामा कर चुका है। सूत्रों के अनुसार, उसने तहसील में तीन बार इस प्रकार का हंगामा किया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट में किया गया ड्रामा उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।
सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि कुछ स्थानीय नेता प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए घंसू प्रजापति को मोहरा बनाकर आगे करते हैं। उसे तहसील और कलेक्ट्रेट भेजा जाता है, जहां वह आत्महत्या का प्रयास करने जैसा नाटकीय कदम उठाकर अधिकारियों को कटघरे में खड़ा करता है।

फिलहाल प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है और कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्ट्रेट परिसर में हुई इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक वितरण प्रणाली और प्रशासनिक दबाव की राजनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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