मऊगंज जिले में युवक और पुलिसकर्मी की निर्मम हत्या के बाद रीवा जिले में आक्रोश फूट पड़ा है। मंगलवार सुबह से ही ब्राह्मण और राजपूत संगठनों समेत कई सामाजिक संगठन सड़कों पर उतर आए और रीवा बंद करवाने के लिए व्यापक प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने रीवा के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र शिल्पी प्लाजा में सड़क पर बैठकर आवागमन बाधित कर दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वे शहर के विभिन्न बाजारों में घूमकर दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद करने की अपील कर रहे हैं। हालांकि, कुछ इलाकों में पूरी तरह बंद का असर देखा गया, वहीं कुछ स्थानों पर दुकानें खुली रहीं।
यह भी पढ़ें: मऊगंज बवाल में अब तक 20 गिरफ्तार, एसपी बोलीं- SDOP को जान से मारने की धमकी दे रहे थे आरोपी, जांच जारी
सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सहायता की मांग
प्रदर्शनकारी हत्या के आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। साथ ही मृतक युवक के परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने की मांग भी जोर पकड़ रही है। संगठनों का कहना है कि जब अन्य समुदायों के मामलों में सरकार त्वरित कार्रवाई करती है, तो इस मामले में भी न्याय मिलना चाहिए।
पुलिस अलर्ट मोड पर, संवेदनशील इलाकों में भारी बल तैनात
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने शिल्पी प्लाजा और अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया है। दो थाना प्रभारी और हेलमेट, जैकेट व लाठी-डंडों से लैस पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद हैं। प्रशासन हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
यह भी पढ़ें: मऊगंज के बाद मैहर में आदिवासी और यादव समुदाय के बीच संघर्ष, एक की मौत
न्याय के लिए सड़कों पर आए हैं : प्रदर्शनकारी
अखिल भारतीय ब्राह्मण संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्रा ने कहा, अगर किसी आदिवासी की हत्या होती है, तो मुख्यमंत्री संवेदना व्यक्त करते हैं, लेकिन ब्राह्मण युवक की हत्या पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। हम केवल न्याय की मांग कर रहे हैं।
रीवा में हालात तनावपूर्ण, प्रशासन सतर्क
शहर में चल रहे इस विरोध प्रदर्शन के कारण लोगों को आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और पुलिस लगातार शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रही है, लेकिन प्रदर्शनकारियों के रुख को देखते हुए हालात संवेदनशील बने हुए हैं।