शाजापुर जिले में अतिथि शिक्षकों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन किया। अतिथि शिक्षकों ने शहर के मुख्य मार्ग से अतिथि यात्रा निकाली और बस स्टैंड क्षेत्र में सड़क पर बैठकर अर्थी जलाई। विभिन्न मांगों को लेकर अतिथि शिक्षकों द्वारा यह प्रदर्शन किया गया। अतिथि शिक्षक पांच सितंबर को सीएम से मुलाकात के लिए भोपाल जाएंगे। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि शिक्षकों से वादे किए थे। किंतु वह पूरे नही हुई, इसी को लेकर वह आंदोल कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने अर्थी यात्रा निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। अतिथि शिक्षकों ने टंकी चौराहे पर स्थित पुरानी कृषि उपज मंडी से अर्थी यात्रा प्रारम्भ की, जो रघुपति राघव राजाराम की धुन के साथ महुपूरा, किला रोड़, आजाद चौक, नई सड़क से होते हुए बस स्टैंड पहुंची। बस स्टैंड पर सड़क पर ही बैठकर अतिथि शिक्षकों ने अर्थी का अंतिम संस्कार किया और यहां धरना भी दिया। अतिथि शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
अतिथि शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आशीष शर्मा ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रदेश भर के अतिथि शिक्षकों की महापंचायत बुलाई गई थी, जिसमें उन्होंने कई घोषणाएं की थी। पूर्व सीएम द्वारा की घोषणाओं को राज्य सरकार द्वारा आज तक पूरा नहीं किया गया है।इसे लेकर हम लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। समय-समय पर ज्ञापन भी दिए गए। आंदोलन के तहत हमने दो सितंबर को काला दिवस मनाया और शाजापुर जिले के समस्त अतिथि शिक्षकों ने अर्थी यात्रा निकालकर प्रदर्शन किया।
अतिथि शिक्षकों की ये है मांगें
खाली पदों पर अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर नियुक्ति के आदेश तत्काल जारी हो। अनुभव-वरिष्ठता के आधार पर विभागीय पात्रता परीक्षा आयोजित कर नियमित शिक्षक बनाया जाए।अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर अतिथियों का पूरे एक साल का अनुबंध किया जाए। शिक्षक भर्ती में 50% आरक्षण और हर साल 4 अंक या अधिकतम 20 अंक बोनस दिया जाए। महीने की निश्चित तारीख को अतिथि शिक्षकों को मानदेय देने का आदेश जारी किया जाए।