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Shahdol: नाले का गंदा पानी पीने को मजबूर बैगा आदिवासी, सरकार के दावों की पोल हुई उजागर

Mon, 28 Oct 2024 04:05 PM IST
शहडोल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल

सरकार ने बैगा आदिवासियों के लिए कई योजनाएं बनाई हुई है, जिसमें उन्हें मकान पानी और बिजली की समस्या ना हो। सरकार के द्वारा चलाई जा रही यह योजना का लाभ खन्नाथ गांव के बैगा परिवार को नहीं मिल पा रहा है। यहां पर बैगा आदिवासी परिवार को बूंद बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। खन्नाथ गांव में हालात ज्यादा खराब है यह पर नाले का गंदा पानी पीने को यह आदिवासी मजबूर हैं और नाले के बीच में झिरिया बनाकर अपना गुजर बसर कर रहे हैं। मामला जिले के अधिकारियों तक पहुंचा, लेकिन सालों गुजर गए पर उनकी कोई सुनने वाला नहीं है।

जनपद पंचायत सोहागपुर के ग्राम पंचायत खन्नाथ अंतर्गत सेमरिया टोला निवासी आदिवासी बैगा परिवारों को कॉलरी के उस गंदे नाले का उपयोग पीने के लिए करना पड़ रहा है जो निस्तार के काबिल भी नहीं है। कॉलरी का जो पानी बैसहा नाला के रूप में बस्ती के पास से बहता है, उसमें झिरिया (छोटा गड्ढा) बनाकर पीने का पानी भरते हैं। झिरिया बनाने के बाद कई घंटे इंतजार करते हैं, जब उसमें पानी भर जाता है तो छोटे बर्तन से बाल्टी या डिब्बों में भरकर लाते हैं। बस्ती के लोगों का यह रोज का काम है। सुबह-शाम कई घंटे की मशक्कत के बाद कुछ बाल्टी पानी मिलता है।

खन्नाथ के सेमरिहा टोला के रहने 15-20 घरों में बैगा आदिवासी निवासरत हैं। इस बस्ती में पानी की कोई सुविधा नहीं है। यहां के रहने वाले रामप्रसाद बैगा, भोले बैगा, कमलेश बैगा, मुन्ना बैगा, छोटेलाल बैगा, कजरू, सुमुन बैगा, कतकी बैगा, भगवंत विमला बैगा आदि ने बताया कि सबसे अधिक दिक्कत बरसात के दिनों में हो जाती है। क्योंकि नाला ऊफान पर होता है और झिरिया नहीं बनाया जा सकता। ऐसे में पीने का पानी दो किलोमीटर दूर दूसरी बस्ती से लाना पड़ता है।

सेमरिया टोला के आदिवासियों ने बताया कि हम लोग यहां कई दशक से निवास कर रहे हैं। पेयजल की सुविधा मुहैया नहीं कराई गई। एक भी हैंडपंप बस्ती में नहीं है। कुछ समय पहले नल-जल योजना के तहत पाइप लाइन बिछाई गई, परंतु उसमें से पानी की सप्लाई आज तक चालू नहीं हुई है। गंदा पानी पीने से लोग बीमार हो जाते हैं। पीएम जनमन योजना का संचालन जिले में जोर शोर से किया गया। यह योजना केवल बैगा आदिवासियों की सुविधाओं को लेकर चलाया गया, जो कितना सफल रही सेमरिया टोला के हालातों को देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है। ग्रामीण बताते हैं कि 6 महीने पहले सर्वे हुआ था, जिसमें पेयजल समस्या की बात बताई गई थी, लेकिन आज तक हालात वही हैं।

इस संबंध में गुल्लू यादव सचिव ग्राम पंचायत खन्नाथ से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि आदिवासी टोला में सर्वे का कार्य होकर नल-जल योजना की पाइप लाइन डाली जा चुकी है। यह काम पीएचई विभाग ने किया है, लेकिन अभी वह चालू नहीं है। मामले की जानकारी ग्रामीणों ने जिले में बैठे अधिकारियों को दी थी, लेकिन पानी की सप्लाई अभी ना होने से लोग नाले का पानी हो पी रहे हैं। जलस्तर काफी नीचे है, जिससे हैंडपंप सक्सेज नहीं हो पा रहा है।

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