शहडोल जिले के जैतपुर थाने में पदस्थ गालीबाज आरक्षक को पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। आरक्षक विजय महरा को एसपी रामजी श्रीवास्तव ने जैतपुर थाने से हटाकर पपौंध थाने भेज दिया है। यह कार्रवाई वन समिति कोटरी जैतपुर के अध्यक्ष प्रतीक सिंह की शिकायत पर की गई है।
वन समिति कोटरी जैतपुर के अध्यक्ष प्रतीक सिंह ने बताया कि विजय महरा थाने के सामने खड़े थे। जब वह वहां से गुजरे तो उन्होंने विजय को नमस्कार किया, जिससे आरक्षक नाराज हो गया और गाली-गलौज करने लगा। इस घटना की शिकायत प्रतीक सिंह ने तत्काल थाना प्रभारी से की।
थाना प्रभारी ने प्रधान आरक्षक के साथ विजय महरा को शिकायतकर्ता के घर भेजा और मामले की जांच शुरू की। उस दौरान घर पर प्रतीक सिंह और अन्य लोग मौजूद थे। वहां, दोनों के बीच फिर से गाली-गलौज हुई, जिसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दोनों पक्ष एक-दूसरे को गालियां देते नजर आ रहे हैं।
शिकायत और वीडियो को देखने के बाद पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव ने मामले को गंभीरता से लिया और आरक्षक विजय महरा को जैतपुर थाने से हटाकर पपौंध थाने भेजने का निर्णय लिया।
जैतपुर थाना प्रभारी रामकुमार गकवाड़ ने बताया कि गाली-गलौज की शिकायत मिली थी, इसलिए मैंने अपने एक स्टाफ के साथ आरक्षक को शिकायतकर्ता के घर भेजा था, ताकि दोनों पक्ष सामने आकर अपनी बात रख सकें। हालांकि, वहां शिकायतकर्ता ने भी अभद्रता की। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।
वीडियो में यह भी साफ देखा जा सकता है कि प्रधान आरक्षक गाली-गलौज का विरोध करते हुए समझा रहे हैं कि जो भी बात करनी है, वह थाना प्रभारी के सामने करें। पुलिस कप्तान ने प्राथमिकता के आधार पर आरक्षक को जैतपुर थाने से हटाने का निर्णय लिया है।