शहडोल जिले में बीते कुछ दिनों से लगातार तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। ठंड ने ऐसा असर दिखाया है कि शहडोल मध्य प्रदेश का सबसे ठंडा जिला दर्ज किया जा रहा है। बीते दिनों न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिसके चलते शहडोल पचमढ़ी और अमरकंटक जैसे पहाड़ी इलाकों से भी ज्यादा ठंडा रहा। कड़ाके की ठंड से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित नजर आ रहा है।
सोमवार सुबह जिले में घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण विजिबिलिटी 20 मीटर से भी कम हो गई, जिससे सड़कों पर चलना जोखिम भरा हो गया। कोहरे की वजह से वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही और वाहन चालक बेहद सतर्कता के साथ सड़कों पर रेंगते हुए दिखाई दिए। कई स्थानों पर यातायात लगभग थम सा गया। ठंड के प्रकोप के चलते लोग घरों में ही दुबके रहे। सोमवार सुबह करीब 9 बजे तक सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। केवल अत्यधिक जरूरी कार्यों से बाहर निकलने वाले लोग ही सड़कों पर दिखाई दिए। बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर भी कम चहल-पहल देखने को मिली।
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ठंड बढ़ने के साथ ही सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल के आरएमओ डॉक्टर पुनीत श्रीवास्तव ने बताया कि अत्यधिक ठंड के कारण सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। उन्होंने लोगों को ठंड से बचाव की सलाह देते हुए कहा कि कई परतों में गर्म कपड़े पहनें, शाम के बाद अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। ठंड से राहत के लिए नगर पालिका द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है। वहीं कलेक्टर के निर्देश पर रैन बसेरों में रात के समय मुसाफिरों के ठहरने की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि ठंड में किसी को परेशानी न हो।