शहडोल जिले में देवलौंद के कुमिहा क्षेत्र में सोन नदी में पत्थरों से बंधे युवक की लाश मिलने के मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। युवक की मौत जंगल में शिकार के लिए लगाए गए करंट की चपेट में आने से हुई थी, जिसके बाद शिकारियों ने उसकी लाश को पत्थरों से बांधकर नदी में फेंक दिया था। मंगलवार को पुलिस ने नदी से लाश बरामद की थी।
देवलौंद थाना क्षेत्र के गाड़ा गांव के निवासी युवक रवि खैरवार की जंगल में करंट लगने से मौत हो गई थी। आरोपियों ने उसकी लाश को छुपाने के लिए पत्थरों से बांधा और उसे मोटरसाइकिल पर दूर नदी में फेंक दिया। मंगलवार को जब नदी में लाश मिली, तो स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिससे पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। थाना प्रभारी डीके दहिया ने बताया कि शव पर पत्थर बंधे होने के कारण मामला संदिग्ध लग रहा था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद जांच शुरू की और ग्रामीणों से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि युवक अंतिम बार अपने दोस्त राजेश के साथ देखा गया था। पुलिस ने राजेश की तलाश की, जिसके पैर में चोट लगी थी। पूछताछ के दौरान राजेश ने पुलिस को पूरी घटना का खुलासा किया।
राजेश के अनुसार, वह और रवि गाड़ा के जंगल में घूमने गए थे। वहां शिकार के लिए बिछाए गए करंट वाले तार की चपेट में आने से रवि की मौत हो गई, जबकि राजेश के पैर में करंट लगने से चोट आई। डर के मारे राजेश घटनास्थल से भागकर घर पहुंचा और फिर इलाज के लिए रीवा चला गया। राजेश ने पुलिस को बताया कि वह डर की वजह से किसी को कुछ नहीं बता पाया।
पुलिस ने जांच में पाया कि जंगल में शिकार के लिए करंट बिछाने वाले आरोपी जब शिकार की तलाश में पहुंचे, तो उन्होंने रवि की लाश देखी और घबरा कर उसे पत्थरों से बांधकर नदी में फेंक दिया। इस मामले में तीन आरोपी - दद्दू चौधरी, राम लखन खैरवार, और संत राम को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की भी तलाश जारी है।
शिकार की कोशिश ने वन विभाग पर उठाए सवाल
यह घटना वन विभाग पर भी सवाल खड़े करती है, क्योंकि जंगल में जंगली जानवरों के शिकार के लिए करंट बिछाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। कुछ समय पहले गोहपारू थाना क्षेत्र में इसी तरह की करंट बिछाने की घटना में एक बालक की भी मौत हो चुकी है। इन घटनाओं से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं, क्योंकि करंट बिछाने जैसी गतिविधियां लगातार जारी हैं।