ब्यौहारी क्षेत्र में एक बार फिर जंगली हाथियों का झुंड पहुंचकर खेतों को नुकसान पहुंचा रहा है। वन विभाग इन हाथियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। जिस इलाके में हाथियों की गतिविधि देखी जाती है, वहां सुरक्षा के तहत बिजली आपूर्ति भी रोक दी जाती है, ताकि हाथियों को किसी तरह का खतरा न हो।
पिछले महीने सतना जिले में करंट लगने से एक बेबी एलीफेंट की मौत हो गई थी, जिसके बाद वन विभाग ने अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। फिलहाल, ब्यौहारी क्षेत्र में 15 हाथियों का झुंड सक्रिय है और स्थानीय ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
बांधवगढ़ से लौटे हाथियों का नया ठिकाना बना ब्यौहारी
ब्यौहारी के गढ़ गांव और आसपास के इलाकों में लगभग 15 हाथियों का मूवमेंट बना हुआ है। ये हाथी पिछले साल संजय गांधी टाइगर रिजर्व से भटककर यहां पहुंचे थे और बाद में बांधवगढ़ की ओर चले गए थे। लेकिन अब मार्च की शुरुआत में ये फिर से ब्यौहारी के आसपास के गांवों में आ गए हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत है।
वन विभाग की टीम लगातार इन हाथियों की निगरानी कर रही है। हाथियों के कारण ग्रामीणों को जान-माल के खतरे के साथ-साथ बिजली संकट का भी सामना करना पड़ रहा है। हाथियों के गांवों की ओर बढ़ते ही संबंधित क्षेत्र के फीडर से बिजली आपूर्ति रोक दी जाती है, ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके। जब तक हाथी उस क्षेत्र से नहीं निकल जाते, तब तक बिजली बहाल नहीं की जाती, जिससे ग्रामीणों को अंधेरे में रातें गुजारनी पड़ रही हैं। इसे लेकर लोगों में नाराजगी भी है।
रेलवे भी अलर्ट, ट्रेनों की गति की जाती है धीमी
हाथियों की निगरानी को लेकर वन विभाग पूरी तरह सतर्क है, क्योंकि क्षेत्र से रेलवे लाइन भी गुजरती है। इस कारण रेलवे अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा जाता है। जरूरत पड़ने पर स्टेशन मास्टर को सूचना दी जाती है और ट्रेनों की गति धीमी करवाई जाती है, ताकि हाथियों के साथ कोई दुर्घटना न हो।
वन विभाग ने बनाया वॉट्सऐप ग्रुप, सभी विभागों की समन्वित निगरानी
इस स्थिति से निपटने के लिए वन विभाग ने बिजली और रेलवे विभाग के अधिकारियों के साथ एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया है। उत्तर वन मंडल ब्यौहारी के एसडीओ रेशम सिंह धुर्वे ने बताया, "जिस क्षेत्र में हाथियों का मूवमेंट रहता है, वहां बिजली विभाग फीडर की लाइट बंद कर देता है, ताकि हाथियों को सुरक्षित निकाला जा सके। रेलवे विभाग से भी सहयोग लिया जाता है और जरूरत पड़ने पर ट्रेनों की रफ्तार कम करवाई जाती है। हमारी टीम लगातार निगरानी कर रही है और स्थिति पर नियंत्रण बनाए हुए है।"
ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोपरि
वन विभाग और प्रशासन की सतर्कता के बावजूद ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। वन विभाग का कहना है कि हाथियों को नुकसान पहुंचाए बिना उन्हें सुरक्षित जंगल की ओर लौटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।