शहडोल जिले के खैरहा थाना में अचानक कल काफी गहमा गहमी का माहौल निर्मित हो गया। स्थानीय कोयला व्यपारियों द्वारा उचित भाड़ा नहीं दिए जाने का विरोध किया जा रहा था। इसे लेकर सोहागपुर क्षेत्र की दामिनी माइंस से कॉलरी से कोयला लोड करने की बात पर दो पक्षों में विवाद चल रहा है।
यह विवाद खैरहा में संचालित खदान को लेकर शुरू हो गया था। जिसके बाद दर्जन भर स्थानीय कोयला व्यापारी व ट्रांसपोर्टर खैरहा थाना पहुंचे थे। इस बीच खैरहा थाना में थाना प्रभारी की मौजूदगी के बीच दोनों पक्षों से बातचीत के दौरान नोकझोंक शुरू हो गई। इस दौरान बुढार के भाजपा नेता व कोयला कारोबारी राजकुमार उर्फ़ राजा सरावगी ने वहां उपस्थितजनों के बीच ऐसी बात कही, जिसका कथित वीडियो शोसल मीडिया में वायरल हो रहा है। इसमें भाजपा नेता सरावगी द्वारा कहा जा रहा है कि मुझे किसी से डर नहीं लगता। कमलनाथ की सरकार व दिग्विजय सिंह ने मुझे जेल भेजा था। अब मोदी जी की सरकार है, कोई भी सरकारी कर्मचारी काम नहीं कर सकता। हमारे भी विधायक सांसद है, हमारी भी दिल्ली में पकड़ है।
पता चला है यह सारा विवाद किसी बाहरी कोयला ट्रांसपोर्ट कंपनी एवं स्थानीय कोयला व्यपारियों के बीच ट्रांसपोर्ट भाड़ा को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हुई थी| इसमें स्थानीय कोयला व्यापारी अपने वाहन से भी ट्रांसपोर्टिंग कराने तथा उन्हें उचित भाड़े की रकम देने की मांग कर रहें हैं। स्थानीय कोयला कारोबारियों का आरोप था कि जिस कंपनी को क्षेत्र में कोयला परिवहन का काम मिला है, वह केवल अपने वाहन से कोयला की ट्रांसपोर्टिंग कर रहा है और यदि स्थानीय कोयला ट्रांसपोर्टर भी कंपनी को यहां के वाहन से कोयला ट्रांसपोर्टिंग की बात करता है तो उन्हें भाड़े की इतनी कम रकम दिए जाने की बात की जा रही है कि उक्त राशि में ट्रांसपोर्टिंग किया जाना संभव नहीं है। इस संबंध में खैरहा थाना प्रभारी दिलीप सिंह ने बताया कि ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन भाड़ा को लेकर एकत्रित हुआ था। कुछ लोग कम भाड़ा को लेकर विवाद कर रहे थे। जानकारी मिलने पर दोनों पक्षों को थाना बुलकार समझौता कराया है ।