कोतवाली थाना के नए बस स्टैंड रोड स्थित एक कबाड़ के गोदाम में बीती रात अचानक आग लग गईं। जिससे गोदाम में रखा सारा सामान जलकर राख़ हो गया। आग लगने की जानकारी मिलते ही मोहल्ले में दहशत फैल गईं। किसी तरह घंटों मेहनत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। इस घटना के बाद शहडोल शहर समेत जिलेभर में आबादी के बीच चल रहें कबाड़ के ठीहो के संचालन को लेकर सवाल खड़े हो रहें हैं।
शहर के नए बस स्टैंड रोड पर मौजूद मुल्ला नामक कबाड़ी के कबाड़ गोदाम में देर रात अचानक आग लग गईं। देखते ही देखते कुछ पल में वहां से आग की तेज लपटें आसमान की ओर उठने लगी। कुछ ही देर में आग ने भयानक रूप ले लिया। पहले तो आसपास रहने वाले लोगों ने आग को बुझाने की कोशिश की, लेकिन उनकी यह कोशिश काम नहीं आई। इसके बाद नगर पालिका में सूचना देकर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई गईं। काफी मशक़्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालाकि जब तक आग बुझाई गईं, तब तक कबाड़ गोदाम में रखा हुआ सारा कबाड़ जलकर राख हो गया।
बताया गया कि कबाड़ गोदाम में ताम्बे के तार के ऊपर लगी रबर को जलाकर तार अलग किया जा रहा था। तभी आग कि चिंगारी पास में ढेर लगे प्लास्टिक के कबाड़ तक पहुंच गईं। फिर कुछ ही देर में आग ने सारे सामान को अपनी आगोश में ले लिया। घटना के बाद यह भी सवाल खड़े हो रहें हैं कि कबाड़ के ठीहे में यह तांबे के तार आखिर कहां से लाए जातें हैं। क्योकि आए दिन केबिल चोरी के मामले जिले भर में सामने आते रहते हैं। क्या वही चोरी का तार बाद में चोरों द्वारा इन कबाड़ के ठीहों में लाकर बेच दिया जाता है ? यह भी जांच का विषय है।
पता चला है कि शहर समेत जिले भर में संचालित कबाड़ के अधिकांश ठीहो में इसी तरह रात्री में तांबे व सिल्वर तार के ऊपर लगे रबर को रात्रि में जलाकर तार निकाला जाता है, जो कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकतें हैं। बीती रात बीच शहर नए बस स्टैंड में आबादी के बीच स्थित कबाड़ गोदाम में आग लगने के बाद आसपास रहने वाले लोग काफी डरे हुए हैं। लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता में हैं। उनका कहना है कि अगर आग को समय रहते नहीं बुझाया जाता तो वह पड़ोस में मौजूद घरों तक पहुंच सकती थी।