जिले के धनपुरी क्षेत्र अंतर्गत एसईसीएल की ओपन कास्ट माइंस में बीती 11 अक्टूबर को हुए हादसे के बाद एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। 11 अक्टूबर को बंद खदान में मिट्टी फिलिंग के दौरान एक डम्पर ट्रक चालक सहित डूब गया था। घटना के तत्काल बाद एनडीआरएफ और एसडीईआरएफ अनूपपुर की टीमों द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था, लेकिन बंद पड़ी खदान की गहराई लगभग 100 फीट से अधिक होने और अत्यधिक पानी भरे होने के कारण उस समय सफलता नहीं मिल पाई थी।
हादसे के बाद से लगातार खदान से पानी निकालने का कार्य जारी था और मिट्टी की फाइलिंग की जा रही थी। इसी क्रम में मंगलवार को एसईसीएल प्रबंधन द्वारा यह जानकारी सामने आई कि पानी का स्तर काफी कम होने के बाद डम्पर ट्रक दिखाई देने लगा है। इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही कलेक्टर के निर्देश पर शहडोल से एसडीईआरएफ की टीम प्रभारी कोलम सिंह के नेतृत्व में 6 एसडीईआरएफ एवं 1 होमगार्ड जवान सहित कुल 8 सदस्यीय टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई और डोजर के अंदर से शव को निकाला, जो कि इतने दिनों में कंकाल हो चुका था।
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बताया जा रहा है कि डम्पर ऑपरेटर अनिल कुशवाहा रीवा जिले का निवासी था। घटना के बाद काफी प्रयास किए गए, लेकिन न तो डम्पर का पता चल पाया था और न ही ऑपरेटर का कोई सुराग मिला था। अब पानी निकलने के बाद जब डम्पर दिखाई दिया है, तो फिर आज रेस्क्यू हुआ और अनिल कुशवाहा के शव को बाहर निकाला लिया गया है।
इस दौरान मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद हैं। रेस्क्यू दल के साथ एसईसीएल प्रबंधन के सहयोग से डम्पर को बाहर निकालने की कोशिशें शुरू हो गई है। घटना के बाद ऑपरेटर अनिल को मृत्य मानकर परिजनों को सहायता राशि भी दे दी गई थी।