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Sehore news: पानी दो, पानी दो...के नारे लगाकर गांव की महिलाओं ने सूखे हैंडपंप पर घंटों बजाए बर्तन, जताया विरोध

Sun, 23 Mar 2025 12:24 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

गर्मी की अभी शुरुआत है, लेकिन जलसंकट के आसार गांव-गांव में नजर आने लगे हैं। हैंडपंपों और कुओं का जलस्तर तेजी से नीचे जाने से पानी की त्राहि-त्राहि बढ़ती जा रही है। एक-एक बाल्टी पानी के लिए ग्रामीण दिन-रात एक कर रहे हैं। जलसंकट से परेशान समीपस्थ ग्राम भंडेली की महिलाओं ने गांव के सूखे हैंडपंप पर 'पानी दो.. पानी दो...' के नारे लगाते हुए बर्तन बजाकर घंटों विरोध जताया। ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि गांव में पानी की समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो विरोध को उग्र कर दिया जाएगा।

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भंडेली गांव में महिलाओं का प्रदर्शन
शनिवार को ग्राम भंडेली की शिव कॉलोनी की महिलाओं ने जलसंकट को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। महिलाओं ने खाली बर्तन बजाए और सरकार से शीघ्र नलकूप खनन कराने की मांग की। ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि गांव के हैंडपंप, कुएं और नलकूपों में पानी खत्म हो गया है। अब एक-एक, दो-दो किमी दूर से पानी लाना पड़ रहा है। इसके बावजूद भी पानी की समस्या का हल नहीं निकल पा रहा है।

एक माह पहले लगाई थी गुहार, नहीं हुई सुनवाई
महिलाओं का कहना है कि क्षेत्र के जनपद सदस्य पप्पू वर्मा ने मुख्यमंत्री और जिला प्रभारी मंत्री को लिखित रूप से ग्राम भंडेली में नलकूप खनन कराने की मांग का आवेदन एक माह पहले दिया था। जिस पर मध्य प्रदेश शासन और सीहोर जिले के प्रभारी मंत्री ने प्रशासन को शीघ्र नलकूप खनन कराने के निर्देश जारी कर दिए थे। लेकिन, विभाग द्वारा अभी तक नलकूप खनन नहीं कराया गया है।

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एक-एक सप्ताह तक नहीं नहा रहे लोग 
गांव में जलसंकट कितना विकराल हो गया है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नहाने के लिए पानी तो छोड़िए, पीने के लिए भी पानी नहीं मिल रहा है। गांव में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी एक-एक सप्ताह तक नहीं नहा पा रहे हैं। ग्रामीण महिला रानीबाई मेवाड़ा ने कहा कि क्षेत्र का हैंडपंप भी दम तोड़ चुका है। इसके कारण ग्रामीण महिलाएं दूर खेतों से पानी लाने को मजबूर हो रही हैं। ग्रामीण पानी की जुगाड़ में दिन-रात एक कर रहे हैं।

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सूखे हैंडपंप पर बर्तन बजाकर जताया विरोध
महिलाएं जलसंकट से दुखी होकर सूखे हैंडपंप पर जमकर खाली बर्तन बजाने लगीं। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक जोरदार प्रदर्शन कर नारे लगाए। महिलाओं का कहना है कि जब तक हमारे गांव में नलकूप खनन कर पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होगी, तब तक इसी तरह प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मौके पर रानीबाई मेवाड़ा, ललिता बाई, शीला वर्मा, ममता वर्मा, आरती वर्मा, ललित विश्वकर्मा, अनीता श्रीवास्तव, शीला वर्मा, रिंकी वर्मा, निर्मला मीणा, इंदिरा बाई मीणा सहित अनेक महिलाएं शामिल रहीं।

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