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Sehore News: उमा भारती का लव जिहाद पर बड़ा बयान, बोलीं- सिर्फ कानून नहीं, बच्चों को संस्कार देना जरूरी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Updated Tue, 15 Jul 2025 06:16 PM IST

भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने श्रावण मास के पहले सोमवार को भोपाल स्थित ऐतिहासिक गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना की। उसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए लव जिहाद और भारतीय समाज में पारिवारिक मूल्यों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया। उमा भारती ने कहा कि सिर्फ कानूनी उपायों से लव जिहाद की समस्या का समाधान नहीं होगा, इसके लिए परिवारों को अपने बच्चों को उचित संस्कार देना होगा।
 
‘माता-पिता की भूमिका सबसे अहम’
उमा भारती ने कहा कि हमारे समाज में माता-पिता की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उन्हें अपने बच्चों को यह समझाना होगा कि क्या सही है और क्या गलत। उन्होंने यह भी कहा कि कानून तो बनाए जा सकते हैं, लेकिन यदि परिवार अपने दायित्व का निर्वहन नहीं करेगा, तो ऐसे मामलों पर नियंत्रण पाना मुश्किल होगा।

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‘कानून तभी असरदार जब पीड़िता साबित कर सके धोखा’
लव जिहाद पर बने कानूनों के बारे में पूछे गए सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून को सख्ती से लागू करने के लिए जरूरी है कि कोई लड़की प्रमाण प्रस्तुत करे। अगर किसी मामले में धोखाधड़ी हुई है, तो संबंधित व्यक्ति को इसे साबित करने का सामर्थ्य होना चाहिए।
 
‘बीजेपी में कोई भी बन सकता है राष्ट्रीय अध्यक्ष, लेकिन मैं नहीं’
उमा भारती ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि
बीजेपी एक ऐसा संगठन है, जिसमें एक साधारण कार्यकर्ता भी राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है। मगर मैं इस दौड़ में नहीं हूं। इस बयान के माध्यम से उन्होंने अध्यक्ष पद की चर्चाओं में अपने नाम को स्पष्ट रूप से अलग कर लिया।

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करणी सेना और संघ प्रमुख की टिप्पणी पर भी बोलीं
करणी सेना से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि करणी देवी शांति की देवी थीं, वह सभी को आशीर्वाद देने वाली थीं। वहीं जब उनसे संघ प्रमुख मोहन भागवत द्वारा राजनीति में 75 वर्ष की उम्र में सन्यास को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हम संघ प्रमुख की किसी भी टिप्पणी पर कोई कमेंट नहीं करते।

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