सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज परिसर के गेट पर मंगलवार की शाम मेडिकल के डॉक्टर्स मेडिकल स्टूडेंट इकठ्ठा हुए, उनके हाथो में जलती मोमबत्तियां थी। रास्ते से गुजर रहे लोगों ने सोचा की अपनी किसी मांग पर यह डॉक्टर्स केंडिल जलाकर प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन जानकारी लगी कि डॉक्टरों का यह प्रदर्शन आवारा कुत्तों के आतंक के विरोध में था।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे मेडिकल के डाक्टरों ने अपना दर्द बयान करते हुए बताया कि इन दिनों मेडिकल कालेज परिसर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है, जिससे कालेज कैम्पस में रहने वाले उनके परिजन भयभीत हैं। इन कुत्तों के आतंक से उनके बच्चे आतंकित रहते हैं तथा न केवल मेडिकल कॉलेज परिसर बल्कि मेडिकल अस्पताल तक में कुत्ते बेरोकटोक घूमते रहते हैं, जिससे यहां भय का माहौल है। क्योंकि यह मौका मिलते ही कब किसी इंसान को काट लें, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
प्रदर्शन के दौरान डॉक्टर सर्वेश जैन का कहना है कि उन्हें जितना डर चीन पाकिस्तान से नहीं है। उतना इन कुत्तों से है। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं ने पशु क्रूरता अधिनियम में ऐसी धाराएं जोड़ दी है कि अब कुत्ता हमें काट सकता है, लेकिन हम उसे छड़ी मारकर भगा भी नहीं सकते। डॉक्टर्स का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर नगर निगम के अधिकारियों को अनेकों बार अवगत कराया। लेकिन कोई हल नहीं निकला, तब मजबूरन उन्हें यह तरीका अपनाना पड़ा। उन्होंने शासन प्रशासन के आवारा कुत्तों की इस समस्या को हल करने की मांग की है।