बहन और भाई के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व जहां पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। वहीं, इस त्योहार को लेकर कुछ बंदिशों के साथ सागर की सेंट्रल जेल में भी बंदी भाई और बहनों को राखी बांधने उनके परिजन दूरदराज से पहुंचे थे। गौरतलब है कि सागर सेंट्रल जेल के अंतर्गत दमोह, टीकमगढ़, बेगमगंज इत्यादि सब जेल भी आती है। सागर सेंट्रल जेल में लगभग 1,800 बंदी हैं। इनमें से कुछ महिला बंदी भी किसी न किसी जुर्म में सजा काट रही हैं। अपनी बहनों से राखी बंधवाने उनके परिजन भी सेंट्रल जेल पहुंचे थे। शासन के निर्देशानुसार, बंदियों के परिजनों को घर से कोई भी सामग्री लाने की मनाही थी। इसके लिए परिजनों को जेल कैंटीन से ही राखी, मिठाई, रोली और फल उचित मूल्य पर विक्रय करने की व्यवस्था जेल प्रबंधन द्वारा की गई थी। अपने भाइयों से मिलकर कई बहनें भावुक होकर रो पड़ीं। जेल अधीक्षक मानेन्द्र सिंह परिहार ने बताया कि रक्षाबंधन पर प्रत्येक भाई बहनों को आधा घंटे का समय मुलाकात के लिए दिया गया।