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सागर में गेहूं खरीदी में बड़ा फर्जीवाड़ा: वेयरहाउस पहुंचीं मिट्टी से भरी बोरियां, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर Updated Mon, 08 Jun 2026 02:12 PM IST

मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर जारी गेहूं खरीदी व्यवस्था के बीच सागर जिले से बेहद चौंकाने वाला और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां एक वेयरहाउस में सरकारी खरीदी का गेहूं अनलोड होने पहुंचा था, लेकिन जब बोरियों को खोला गया तो अधिकारियों और कर्मचारियों के होश उड़ गए। बोरियों में गेहूं की जगह भारी मात्रा में मिट्टी और धूल भरी हुई थी। मामला उजागर होने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर ने इसे बेहद गंभीर श्रेणी का मामला मानते हुए तत्काल उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

मजदूर की सतर्कता से खुला राज
जानकारी के अनुसार, शनिवार को ट्रक क्रमांक MP 15 ZR 9190 करीब 600 बोरियां लेकर गंभीरिया स्थित लक्ष्मी नगर के 'श्री देव प्रभा वेयरहाउस' पहुंचा था। वेयरहाउस पर जब मजदूर ट्रक से बोरियां उतार रहे थे, तभी वहां तैनात एक कर्मचारी को गेहूं की गुणवत्ता पर गहरा संदेह हुआ। शक होने पर जब कुछ बोरियों को खोलकर चेक किया गया, तो उसमें गेहूं नाममात्र का था और बोरियां मिट्टी से लबालब भरी हुई थीं।

कर्मचारी ने तुरंत इसकी सूचना मौके पर मौजूद सुपरवाइजर को दी। इसके बाद जब रैंडमली कई और बोरियों की जांच की गई, तो सबमें वही आलम था। गड़बड़ी पकड़ में आते ही वेयरहाउस प्रबंधन ने गेहूं की इस खेप को लेने से साफ इनकार कर दिया और ट्रक को तत्काल वापस लौटा दिया। बताया जा रहा है कि मिट्टी से भरी बोरियों की यह खेप हर्षिता स्व-सहायता समूह के खरीदी केंद्र से भेजी गई थी।

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वेयरहाउस संचालक का आरोप- पहले भी की थी शिकायत, नहीं हुई सुनवाई
इस पूरे मामले पर श्री देव प्रभा वेयरहाउस के संचालक आरपी सुहाने ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सुहाने का कहना है कि हमने महज एक सप्ताह पहले ही प्रशासन को अमानक और पाले से प्रभावित गेहूं की सप्लाई को लेकर लिखित शिकायत भेजी थी। लेकिन, उस समय जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आशंका जताई है कि अगर समय रहते पुरानी शिकायतों पर ध्यान दिया जाता, तो शायद इतनी बड़ी लापरवाही या धोखाधड़ी की नौबत ही नहीं आती।

अधिकारियों के बयान और प्रशासनिक हलचल
मामला मीडिया में आने और तूल पकड़ने के बाद अब जिला प्रशासन बैकफुट पर है और कार्रवाई की बात कह रहा है। ज्योति बघेल (जिला आपूर्ति नियंत्रक) ने कहा कि मामला सामने आते ही अमानक और मिलावटी गेहूं के ट्रक को तुरंत रिजेक्ट कर वापस कर दिया गया है।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीर माना है। उन्होंने साफ कहा है कि किसानों के नाम पर इस तरह का फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ने मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।   गेहूं की बोरी से निकली मिट्टी

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