देशभर में कुंभ मेले के लिए रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ और अव्यवस्थाओं की तस्वीरें सामने आ रही हैं। कहीं यात्री अधिक भीड़ के कारण ट्रेनों में सवार नहीं हो पा रहे हैं, तो कहीं पहले से सवार यात्री स्टेशनों पर ट्रेन के दरवाजे नहीं खोल रहे हैं। हालांकि, बुंदेलखंड अंचल के सागर जिले में स्थिति इसके विपरीत है। यहां के यात्रियों का एक बड़ा वर्ग प्रयागराज जाने के लिए यात्री ट्रेनों के बजाय अन्य यातायात साधनों का उपयोग कर रहा है।
बीना जंक्शन पर ट्रेनें और यात्री भार
बीना जंक्शन से प्रतिदिन दो ट्रेनें महाकुंभ के लिए प्रयागराज जा रही हैं। इनमें से एक बीना-प्रयागराज छिवकी मेला स्पेशल ट्रेन है, जो दिन में 11 बजे प्रस्थान करती है, जबकि दूसरी प्रयागराज एक्सप्रेस है, जो शाम 7 बजे रवाना होती है। यह ट्रेन ललितपुर और खजुराहो होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचती है। इसके अतिरिक्त, कामायनी एक्सप्रेस और गोरखपुर एक्सप्रेस भी कटनी-सतना के रास्ते प्रयागराज जाती हैं।
हाल के दिनों में इन ट्रेनों में पहले की तुलना में अपेक्षाकृत कम भीड़ देखी गई है। बीना से प्रयागराज छिवकी जाने वाली कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन लगभग खाली ही प्रस्थान कर रही है। हालांकि, आगे के स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या में वृद्धि हो सकती है, लेकिन बीना स्टेशन पर यात्रियों को बिना किसी धक्का-मुक्की के आसानी से स्थान मिल रहा है। वहीं, भोपाल से प्रयागराज जाने वाली प्रयागराज एक्सप्रेस में अपेक्षाकृत अधिक यात्री हैं, लेकिन स्थिति भारी भीड़ वाली नहीं है।
यात्रियों की प्राथमिकता में बदलाव
महाकुंभ के शुरुआती दिनों में जिले के रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ अधिक देखी गई थी, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो गई है। लोग ट्रेन के बजाय सड़क मार्ग से प्रयागराज जाना अधिक पसंद कर रहे हैं।
सागर रेलवे स्टेशन पर भी सामान्य स्थिति
सागर रेलवे स्टेशन पर भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। यहां से प्रतिदिन जाने वाली कामायनी एक्सप्रेस और गोरखपुर एक्सप्रेस में यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तरह ही है।
सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाएं
दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे के बावजूद सागर और बीना स्टेशन पर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं में कोई विशेष बदलाव नहीं किया गया है। प्रशासन ने किसी अतिरिक्त प्रबंध की घोषणा नहीं की है, और वर्तमान व्यवस्थाएं सामान्य दिनों जैसी ही बनी हुई हैं।