दक्षिण भारत के तेलंगाना के रहने वाले बालकृष्ण गुरु स्वामी द्वारा कश्मीर से कन्याकुमारी तक महापदयात्रा की जा रही है। उनकी यह गौ यात्रा सागर जिले के देवरी नगर पहुंची, जहां उनका स्थानीय गौ सेवकों ने स्वागत किया। 27 सितंबर को जम्मू के लाल चौक से यह महापद यात्रा शुरू होकर 27 मार्च 2025 को 4900 किलोमीटर और 14 राज्यों से होकर तमिलनाडु में समाप्त होगी।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य देशी गोवंश को बचाने का और गाय को राष्ट्रीय माता घोषित करवाना है। यात्रा के प्रभारी बालकृष्ण गुरु स्वामी ने बताया की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत के लोगों को जागरूक करना है। जिसमें देशी गोवंश को बचाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि किसान हमारे देश की रीड है और देशी गाय किसानों की रीड की हड्डी है। किसान फसलें उगाने के लिए गाय के गोबर गोमूत्र बैल की शक्ति का उपयोग करते हैं, जो मानव स्वास्थ्य और मिट्टी के लिए वरदान है।
जब तक हम अपनी मिट्टी को गाय के गोबर गोमूत्र से प्राप्त जीवाणुओं से समृद्ध नहीं करेंगे, हमारी मिट्टी बंजर बनी रहेगी और हमारे भोजन में पोषक तत्व मौजूद नहीं रहेंगे। लोग ऐसे भोजन का सेवन कर रहे हैं, जिसमें हानिकारक रसायन होते हैं, जिसके कारण हमे कम उम्र में ही बीमारियां हो रही हैं और अस्पतालों में बहुत पैसा खर्च हो रहा है। उन्होंने बताया कि हमारी यह यात्रा 27 सितंबर को जम्मू के लाल चौक से शुरू होकर 180 दिनों में 4900 किलोमीटर चलकर तमिलनाडु में समाप्त होगी।