प्रादेशिक सेना के 75 साल पूरे होने के अवसर पर सियाचिन से इंदिरा पॉइंट तक 5500 किमी लंबी साइकिल यात्रा पर निकले 21 जवान मंगलवार को सागर पहुंचे। यहां स्थानीय महार रेजिमेंट के अधिकारियों और जवानों ने उनकी अगवानी की। यह दल सागर में एक दिन रुकेगा।
प्रादेशिक सेना की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 30 जुलाई को सियाचिन बेस कैंप से 21 जवानों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था। यह दल पूरे देश में 5500 किमी की साइकिल यात्रा करते हुए चेन्नई पहुंचेगा। वहां से वे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के लिए रवाना होंगे। निकोबार द्वीप समूह के इंदिरा प्वाइंट पर इस यात्रा का समापन होगा, जहां भारत के सबसे दक्षिणी सिरे पर पानी के नीचे तिरंगा फहराया जाएगा। इस यात्रा के दौरान साइकिल के साथ-साथ नौकायन और स्कूबा डाइविंग भी की जाएगी। सागर पहुंचने के बाद जवानों ने सागर के विभिन्न स्कूलों का भ्रमण किया। स्कूली बच्चों से मुलाकात की। स्थानीय प्रादेशिक सेना की बटालियन में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। 30 अगस्त को यह दल सागर से नेशनल हाईवे 44 के माध्यम से अपनी अगली मंजिल की ओर रवाना होगा।
इस यात्रा के दल प्रभारी मेजर अभिनव सिंह रावत ने बताया कि नौ अक्तूबर 1949 को प्रादेशिक सेना की स्थापना की गई थी। इस साइकिल यात्रा का उद्देश्य पूरे देश में साइकिल चलाने के प्रति लोगों को प्रेरित करना है, साथ ही सेना के शहीदों के परिजनों से मुलाकात और नौजवानों को सेना में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना भी इस यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य है।