पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाले एक मामले में रीवा पुलिस अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिटी कोतवाली में पदस्थ दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार कार्यवाहक उप निरीक्षक (SI) ललन सिंह नेताम तथा सहायक उप निरीक्षक (ASI) रामनिवास बागरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने जुआ एक्ट के तहत की गई कार्रवाई की सूचना अपने वरिष्ठ अधिकारियों को न कार्रवाई से पहले दी और न ही कार्रवाई के बाद अवगत कराया।
सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई 01–02 नवंबर 2025 की दरमियानी रात सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में की गई थी। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान बरामद सामग्री, पकड़े गए व्यक्तियों की संख्या और प्रक्रियागत औपचारिकताओं में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। पूरी कार्रवाई संदिग्ध एवं नियम विरुद्ध प्रतीत होने पर वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच कराई, जिसमें प्रथमदृष्टया दोनों कर्मचारियों का आचरण संदिग्ध पाया गया।
ये भी पढ़ें- बिजली कंपनी का फरमान, कृषि फीडरों पर 10 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति पर कटेगा अफसरों का वेतन
जानकारी के अनुसार जुआ एक्ट के तहत किसी भी कार्रवाई से पूर्व संबंधित थाना प्रभारी सहित वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करना अनिवार्य होता है। वहीं कार्रवाई के बाद इसकी पूर्ण रिपोर्ट और जब्ती सूची प्रस्तुत करना भी नियमों में शामिल है। लेकिन दोनों पुलिसकर्मियों ने न तो किसी प्रकार की पूर्व अनुमति ली और न ही कार्रवाई के उपरांत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। विभागीय जांच में कई बिंदुओं पर गड़बड़ियां सामने आने पर दोनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
इस संबंध में एएसपी रीवा संदीप मिश्रा ने कहा कि पुलिसिंग में पारदर्शिता और अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना सूचना किसी भी प्रकार की कार्रवाई करना नियम विरुद्ध है। प्रथमदृष्टया दोनों पुलिसकर्मियों का आचरण संदिग्ध पाया गया है, इसलिए उन्हें निलंबित किया गया है। मामले की विभागीय जांच जारी रहेगी और दोष सिद्ध होने पर आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रीवा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विभाग में अनुशासनहीनता, अनियमितता या पक्षपात के किसी भी मामले को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई का संदेश पूरे पुलिस बल में साफ जाएगा कि नियमों से हटकर कोई भी कदम उठाया गया तो तत्काल सख्त कार्रवाई होगी।