राजगढ़ जिले की ब्यावरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नापानेरा में तालाब से मछली पालन करने एवं सिंघाड़े की खेती करने वाले मछुआरे परिवार के साथ धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है, जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने सरपंच प्रतिनिधि के साथ मिलकर कलेक्टर से की है। जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला नापानेरा ग्राम पंचायत में स्थित प्राचीन तालाब से जुड़ा हुआ है। इसके बारे में कहा जाता है कि राजगढ़ में यह सबसे पुराना तालाब है। इसकी पाल के आसपास निवास करने वाले भूमिहीन केवट परिवार के लोग मछली पालन और सिंघाड़े की खेती करके अपना और अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं।
लेकिन साल 2024 में हुई टेंडर प्रक्रिया में लगभग 250 परिवार, जो इस तालाब पर निर्भर हैं के पेट पर लात मारने जैसा काम किया गया है। ऐसे में मंगलवार को ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने जिला पंचायत सीईओ को कलेक्टर के नाम लिखित आवेदन देकर अवैध तरीके से हुए टेंडर को निरस्त करने की मांग की है। वहीं, मीडिया से चर्चा करते हुए ग्राम पंचायत सरपंच प्रतिनिधि रामचंद्र ने कहा कि हमारे ग्राम पंचायत में टेंडर हो गया। लेकिन इसकी सूचना न तो ग्राम पंचायत को दी गई और न ही मछुआरा समिति को। जबकि नियम यह है कि ग्राम पंचायत में निवास करने वाले केवट समाज को पहली प्राथमिकता है और अगर ये लोग न लेना चाहे तो आदिवासी फिर गांव के अन्य लोग और उसके बाद ग्राम पंचायत के बाहर के लोगों को यह टेंडर दिया जाता है। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। ये टेंडर गलत तरीके से हुआ है और इस पर रोक लगाई जानी चाहिए।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पंवार राजगढ़ जिले की ब्यावरा विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं, जिनके पास मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग भी है। लेकिन उसके बावजूद भी उनके क्षेत्र के ग्रामीण इस तरह की समस्या से जूझ रहे हैं।
वहीं, बुधवार को जब फोन पर ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि रामचंद्र से बात की गई तो उन्होंने कहा कि गांव का एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि होने के नाते मैंने पूर्व में राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार से भी मुलाकात करते हुए उन्हें अवगत कराया था। लेकिन उनसे संतोषप्रद जवाब नहीं मिला। इसलिए हमने कलेक्टर के नाम ज्ञापन के माध्यम से जिला पंचायत सीईओ को अवगत कराया है और उन्होंने हमें उचित निराकरण के लिए आश्वस्त किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि राज्यमंत्री ने दोनों ही पार्टी को मिलने के लिए भी बुलाया है। अब देखते हैं कि वे क्या निराकरण करते हैं।