राजगढ़ जिला अस्पताल में होने वाले एक के बाद एक घटनाक्रम थमने का नाम नहीं ले रहे हैं, हाल ही में एक महिला चिकित्सक के साथ बदसलूकी और अस्पताल चौकी में पदस्थ आरक्षक के साथ हुई मारपीट का मामला थमा नहीं था कि गुरुवार रात फिर से जमकर बवाल हो गया। जहां एक युवती की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर पर नशे में होने और उसे गलत इंजेक्शन लगाने के आरोप लगाए। डॉक्टर के नशे में होने की जांच की मांग करते हुए हंगामा किया, सूचना पर रात में ही पुलिस पहुंची और हल्का बल प्रयोग भी किया।
जानकारी के मुताबिक राजगढ़ के तिलक मार्ग में निवास करने वाली 21 वर्षीय युवती कीर्ति मेवाड़े बुखार से पीड़ित और लगभग 3 दिनों से अस्पताल में भर्ती थी और सुबह शाम अस्पताल में पहुंचकर इंजेक्शन लगवा रही थी। उसी क्रम ने गुरुवार को भी वह अपने परिजनों के साथ अस्पताल पहुंची जिसका उपचार इमरजेंसी वार्ड में उपस्थित डॉक्टर अमर सिंह धुर्वे ने किया और कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। युवती की मौत के बाद परिजन और स्थानीय लोगों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और डॉक्टर पर नशे में गलत इंजेक्शन देने के आरोप लगाते हुए उसके मेडिकल परीक्षण की मांग करने लगे,हंगामे की सूचना लगते ही कोतवाली थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और हलका बल प्रयोग करते हुए हंगामा कर रहे लोगो को वहां से खदेड़ दिया।
वहीं उक्त मामले में जिला अस्पताल की सीएमएचओ डॉक्टर किरण वाडिया से बात की गई तो उन्होंने कहा कि संबंधित डॉक्टर की मेडिकल रिपोर्ट के बारे में अभी मुझे जानकारी तो नहीं है, लेकिन ये हमने कन्फर्म कर लिया था कि उन्होंने ड्रिंक नहीं किया हुआ था। ऐसे में मरीज की कंडीशन भी अहम होती है कि वह किस कंडीशन में अस्पताल आया है। ये भी मुमकिन नहीं है कि कोई इंजेक्शन लगे और किसी की डेथ हो जाए।