राजगढ़ नगरपालिका की टीम ने शुक्रवार से शुरू किए गए कुत्ता पकड़ो अभियान के तहत देर रात तक लगभग 70 से 80 आवारा कुत्तों को शहर से बाहर भेज दिया है। इस अभियान के दौरान टीम को कई जगहों पर स्थानीय लोगों के विरोध का सामना भी करना पड़ा।
बता दें कि राजगढ़ शहर की गलियों और मोहल्लों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनके हमलों के कारण स्थानीय लोग परेशान हैं। पीड़ित परिवारों ने स्थानीय और जिला प्रशासन से इन आवारा कुत्तों को पकड़ने की गुहार लगाई थी। शुक्रवार से नगरपालिका ने टीम बुलाकर इन कुत्तों को पकड़ना शुरू किया।
राजगढ़ के निवासी इस हद तक परेशान हो गए हैं कि उन्होंने अपने बच्चों को अकेले घर से बाहर भेजना भी बंद कर दिया है। हाल ही में, शहर में लगभग एक दर्जन लोगों को आवारा कुत्तों द्वारा काटे जाने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे लोगों में डर और चिंता व्याप्त हो गई है। इसी कारण लोगों ने स्थानीय और जिला प्रशासन से आवारा कुत्तों को पकड़कर शहर से दूर भेजने की मांग की गई थी।
इसके के चलते नगरपालिका ने बाहर से एक टीम बुलाकर शुक्रवार को कुत्तों को पकड़ने का अभियान शुरू किया। पहले दिन में ही लगभग 70 से 80 कुत्तों को पकड़ा गया और उन्हें शहर से बाहर भेजा गया। हालांकि, कुछ स्थानों पर नगरपालिका की टीम को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा।
राजगढ़ नगरपालिका के सैनिटरी इंस्पेक्टर गिरिराज कलोसिया ने बताया कि हमारी टीम ने शुक्रवार की देर रात तक शहर की गलियों और मोहल्लों से लगभग 70 से 80 आवारा कुत्तों को पकड़कर शहर से बाहर भेजा है। कुछ जगहों पर विरोध देखने को मिला, जिन्हें हमने चिन्हित किया है। जल्द ही हम इन लोगों से आवारा कुत्तों से संबंधित दस्तावेज प्राप्त कर उनका रजिस्ट्रेशन कराएंगे। यदि भविष्य में ऐसे कुत्तों द्वारा कोई घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित कुत्ता मालिक की होगी और उनके खिलाफ स्थानीय थाने में प्रकरण दर्ज करवाया जाएगा।
सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर लोगों के बीच आपसी मतभेद भी देखने को मिल रहे हैं। कुछ लोग आवारा कुत्तों के आतंक से परेशान हैं और नगरपालिका से शेष कुत्तों को पकड़कर शहर से बाहर भेजने की मांग कर रहे हैं, जबकि अन्य लोग नगरपालिका की इस कार्रवाई की आलोचना कर रहे हैं।