मध्यप्रदेश के रीवा शहर की रहने वाली पलक किशोरी महज 17 वर्ष की उम्र में कथावाचक बन गई हैं। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो लगातार चर्चा में बने रहते हैं। लोग उनकी तुलना विख्यात कथावाचक जया किशोरी से करने लगे हैं। पलक किशोरी 12वीं की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ ही वह कथावाचन भी करती हैं, उन्हें सुनने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। धीरे-धीरे लोग उनकी संगीतमय कथा के दीवाने हो रहे हैं। अमर उजाला से खास बातचीत में पलक किशोरी ने अपने जीवन से जुड़ी कई विषयों के बारे में चर्चा की।
पलक किशोरी का कहना है कि जया किशोरी के भागवत कथा सुनाने के तरीके को देखकर मुझे प्रेरणा मिली। कई लोग कहते हैं कि मेरा चेहरा हूबहू जया किशोरी जैसा है। बता दें, पलक किशोरी ने 2020 में कोरोना काल में पहली बार भगवान कृष्ण पर दो घंटे की कथा की थी, वही उनकी लाइफ का टर्निंग पॉइंट था। तब से पलक धीरे-धीरे आगे बढ़ीं। उन्होंने पहला भागवत रीवा के लखौरी बाग स्थित भगवान कृष्ण के मंदिर में किया, जिसे सुनकर लोग काफी खुश हुए।
पलका का कहना है कि उन्होंने भागवत की कोई प्रोफेशनल पढ़ाई नहीं की है, बल्कि जया किशोरी के वीडियो देखकर सीखा है। कोविड-19 के दौरान घर पर रहकर भागवत कथा का अध्ययन किया था। इसके बाद धीरे-धीरे कथावाचन करने लगीं।