नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा तहसील के सूखाखैरी ग्राम में आयोजित श्री रामचरितमानस एवं विष्णु यज्ञ कार्यक्रम में द्वारका शारदा पीठाधीश्वर स्वामी सदानंद सरस्वती ने मंच से ऐसा संदेश दिया, जिसे उत्तर प्रदेश में चल रहे विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने बिना नाम लिए अपने गुरु भाई स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के प्रति समर्थन जताया।
शंकराचार्य ने कहा कि हमारे आचार्यों के प्रति ऐसा कोई भी कार्य नहीं होना चाहिए जिससे सनातन धर्म को ठेस पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संतों और धर्माचार्यों का सम्मान समाज की जिम्मेदारी है। शंकराचार्य ने देश में मंदिरों के प्रबंधन को लेकर भी प्रश्न खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश के अनेक हिंदू मंदिर सरकार के अधीन हैं, जबकि अन्य धर्मों के धार्मिक स्थलों पर ऐसा नियंत्रण नहीं है। इसे उन्होंने अन्याय बताया।
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गो रक्षा आंदोलनों पर टिप्पणी
गो रक्षा के मुद्दे पर चल रहे आंदोलनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक या सांस्कृतिक विषय पर चल रहे आंदोलन को कुचलना या उसके विरुद्ध षड्यंत्र करना उचित नहीं है। यह टिप्पणी भी वर्तमान घटनाक्रम से जुड़ी मानी जा रही है। उन्होंने कहा कि कल्पना कभी सिद्ध नहीं होती, सत्य को प्रताड़ित किया जा सकता है, पराजित नहीं किया जा सकता। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ-साथ समसामयिक मुद्दों की झलक भी देखने को मिली।