फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Narsinghpur: आचार्यों के सम्मान पर आंच बर्दाश्त नहीं, नरसिंहपुर में बोले शंकराचार्य सदानंद सरस्वती

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नरसिंहपुर Updated Fri, 27 Feb 2026 11:37 PM IST

नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा तहसील के सूखाखैरी ग्राम में आयोजित श्री रामचरितमानस एवं विष्णु यज्ञ कार्यक्रम में द्वारका शारदा पीठाधीश्वर स्वामी सदानंद सरस्वती ने मंच से ऐसा संदेश दिया, जिसे उत्तर प्रदेश में चल रहे विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने बिना नाम लिए अपने गुरु भाई स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के प्रति समर्थन जताया।

शंकराचार्य ने कहा कि हमारे आचार्यों के प्रति ऐसा कोई भी कार्य नहीं होना चाहिए जिससे सनातन धर्म को ठेस पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संतों और धर्माचार्यों का सम्मान समाज की जिम्मेदारी है। शंकराचार्य ने देश में मंदिरों के प्रबंधन को लेकर भी प्रश्न खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश के अनेक हिंदू मंदिर सरकार के अधीन हैं, जबकि अन्य धर्मों के धार्मिक स्थलों पर ऐसा नियंत्रण नहीं है। इसे उन्होंने अन्याय बताया।

ये भी पढ़ें- ब्रज के बाद अब सीहोर की बारी, पांच मार्च को पं. प्रदीप मिश्रा संग महादेव की दिव्य होली में उमड़ेंगे भक्त

गो रक्षा आंदोलनों पर टिप्पणी
गो रक्षा के मुद्दे पर चल रहे आंदोलनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक या सांस्कृतिक विषय पर चल रहे आंदोलन को कुचलना या उसके विरुद्ध षड्यंत्र करना उचित नहीं है। यह टिप्पणी भी वर्तमान घटनाक्रम से जुड़ी मानी जा रही है। उन्होंने कहा कि कल्पना कभी सिद्ध नहीं होती, सत्य को प्रताड़ित किया जा सकता है, पराजित नहीं किया जा सकता। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ-साथ समसामयिक मुद्दों की झलक भी देखने को मिली।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें