नर्मदापुरम जिले के पिपरिया शहर के बहुचर्चित रवि विश्वकर्मा हत्याकांड में अहम फैसला सुनाते हुए आज प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार अग्रवाल की अदालत ने हत्याकांड के 7 आरोपियों को दोषियों करार देते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं 11 आरोपी बरी हुए हैं। इस हत्याकांड का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। इसमें साफ दिखाई दे रहा था कि आरोपियों ने कार पर ताबड़तोड़ हमला किया था और कार में सवार मृतक रवि पर देशी कट्टे से हमला भी किया था। इससे उसकी मौत हो गई थी।
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इस हत्याकांड में शासन की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला अभियोजन अधिकारी सोहन लाल चौरे ने बताया कि जून 2020 की घटना है। रेलवे अंडरब्रिज पिपरिया का रवि विश्वकर्मा लौटकर आ रहा था। पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने मृतक रवि को रास्ते के रोककर इसके ऊपर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। देशी कट्टे से भी आरोपियों ने फायर किया। इससे रवि की मौत हो गई थी। कार पर भी आरोपियों ने ताबड़तोड़ हमला किया था। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। लगातार आरोपी कार एवं उसमें सवार मृतक पर हमला करते नजर आए। पुलिस ने इस हत्याकांड में 18 आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर न्यायालय में डायरी पेश की थी।
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8 मई 2025 को इस मामले में माननीय न्यायालय ने 18 आरोपियों में से 7 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसमें राहुल पिता कामता, जगदीश उर्फ मुन्ना, अजय उर्फ कल्लू, नितिन उर्फ मामा, संजय उर्फ संजू, अजीत पटेल, राजेंद्र उर्फ रज्जू शामिल है। मामले में कुल 18 आरोपी बनाए गए थे। अभियोजन की ओर से 48 गवाहों एवं साक्ष्यों को देखते हुए यह फैसला सुनाया गया है। इसमें न्यायालय में उपस्थित जगदीश उर्फ मुन्ना, राहुल, अजीत, संजय को जेल भेजा है। फैसले के दिन न्यायालय में अनुपस्थित रहे नितिन, अजय उर्फ कल्लू, राजेंद्र उर्फ रज्जू के खिलाफ न्यायालय ने वारंट जारी किया।