नर्मदापुरम के प्रसिद्ध पर्यटन घाट पर रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। छिंदवाड़ा जिले की उमरेठ तहसील से अपने दादा की अस्थियां विसर्जित करने पहुंचे एक परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब 15 वर्षीय किशोर नर्मदा नदी में डूब गया। यह हादसा उस वक्त हुआ जब परिवार धार्मिक रस्में पूरी कर रहा था।
स्नान के दौरान गहरे पानी में चला गया किशोर
जानकारी के अनुसार, अस्थि विसर्जन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद किशोर नर्मदा नदी में स्नान करने के लिए उतरा था। शुरुआत में वह किनारे के पास ही सामान्य रूप से नहा रहा था, लेकिन कुछ ही देर में वह धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर बढ़ गया। नदी की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण वह अचानक संतुलन खो बैठा और तेज धारा में बहने लगा। परिवार के सदस्य कुछ समझ पाते उससे पहले ही किशोर पानी में डूबने लगा और देखते ही देखते नदी की गहराई में समा गया। यह दृश्य देखकर परिवार के लोगों में चीख-पुकार मच गई।
बेटे को डूबता देख बेसुध हुई मां
घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिवार के सदस्य जोर-जोर से रोने लगे। किशोर की मां अपने बेटे को डूबता देख मौके पर ही बेसुध हो गई। घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव की कोशिश की, लेकिन तब तक किशोर गहरे पानी में लापता हो चुका था।
होमगार्ड और SDRF की टीम ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। कुछ ही देर में होमगार्ड और SDRF की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई। गोताखोरों की मदद से नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। जाल और अन्य उपकरणों की सहायता से किशोर की तलाश की जा रही है, लेकिन खबर लिखे जाने तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया था। लगातार प्रयासों के बावजूद किशोर का पता नहीं चलने से परिवार की चिंता और बढ़ती जा रही है।
घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद पूरे नर्मदा घाट क्षेत्र में गम और दहशत का माहौल बना हुआ है। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि घाट पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अक्सर लापरवाही देखने को मिलती है, जिससे ऐसे हादसों की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने घाटों पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
प्रशासन ने तेज किया अभियान
फिलहाल रेस्क्यू टीम लगातार नदी में तलाश अभियान चला रही है। प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। यह हादसा एक बार फिर नदी घाटों पर सुरक्षा और सावधानी की जरूरत को उजागर करता है, जहां छोटी सी लापरवाही भी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।