मध्यप्रदेश में पिछले एक दशक से नवंबर का महीना सिर्फ ठंड नहीं, बल्कि बारिश भी लेकर आता है। इस बार भी मौसम का रुख कुछ ऐसा ही रहने वाला है। प्रदेश में एक बार फिर से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। तीन सक्रिय सिस्टमों के असर से मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार को बारिश और ठंड दोनों का असर रहा। भोपाल में शाम को बूंदाबांदी हुई। वहीं, धार, गुना, इंदौर, उज्जैन, खजुराहो, मंडला सागर, सीधी, उमरिया में हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। शनिवार को जारी चेतावनी के अनुसार, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर और बड़वानी जिलों में अगले 24 घंटों में चार से साढ़े चार इंच तक वर्षा हो सकती है। वहीं, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, इंदौर, खरगोन, बुरहानपुर, श्योपुर, मुरैना, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में हल्की बारिश का सिलसिला बना रहेगा। राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहेंगे और शाम के समय हल्की फुहारें पड़ने की संभावना है।मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नवंबर के पहले सप्ताह में वर्षा का दौर जारी रहेगा, जबकि दूसरे सप्ताह से उत्तरी हवाएं सक्रिय होने लगेंगी, जिससे ठिठुरन में बढ़ोतरी होगी। इस बार फरवरी तक ठंड का असर बना रह सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि 2010 के बाद यह सबसे ठंडी सर्दी हो सकती है। साथ ही सामान्य से अधिक बारिश की भी संभावना जताई गई है, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ और ‘ला नीना’ परिस्थितियां सक्रिय होंगी।