क्या मध्य प्रदेश के कैबिनेट विस्तार में ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक विधायकों को मायूसी मिली? क्या मोहन यादव की कैबिनेट में ज्योतिरादित्य सिंधिया को लगा बड़ा झटका? क्या हाईकमान के आगे नहीं चला किसी का जोर? दरअसल, मोहन यादव के मंत्रिमंडल में नए चेहरों के साथ-साथ पुराने चेहरों को भी मौका दिया गया है। हालांकि, कई बड़े नेताओं को इस बार मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुराने संसदीय क्षेत्र शिवपुरी, गुना, अशोकनगर से किसी भी विधायक को मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल पाई है। सिंधिया के पुराने संसदीय गढ़ से किसी भी विधायक को नए मोहन मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है।