मध्य प्रदेश के मंडला जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। बिछिया विकासखंड के नेगवाँ गांव में प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती महिला को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने का आरोप है। मजबूरी में परिजन उसे निजी ऑटो से अस्पताल लेकर निकले, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में महिला ने चार नवजात शिशुओं को जन्म दे दिया। जन्म के कुछ ही देर बाद चारों नवजातों की मौत हो गई, जबकि प्रसूता की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
एम्बुलेंस नहीं पहुंची, निजी ऑटो से अस्पताल ले गए परिजन
जानकारी के अनुसार, नेगवाँ गांव निवासी रजनी सेन्द्राम को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिजनों ने एम्बुलेंस बुलाने का प्रयास किया। आरोप है कि काफी इंतजार के बावजूद एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद परिजन महिला को निजी ऑटो से अस्पताल लेकर रवाना हुए। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में महिला की डिलीवरी हो गई। रजनी सेन्द्राम ने एक साथ चार नवजात शिशुओं को जन्म दिया। हालांकि जन्म के कुछ ही देर बाद चारों नवजातों की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध हो जाती और महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचा दिया जाता, तो शायद चारों नवजातों की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
108 एम्बुलेंस सेवा पर भी उठे सवाल
इस दर्दनाक घटना के बाद जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ 108 एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आपात स्थिति में समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं होना गंभीर लापरवाही है।
बीएमओ बोले- महिला की हालत स्थिर, इलाज जारी
बिछिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डॉ. अनूप भारतीया ने बताया कि महिला को परिजन निजी वाहन से अस्पताल लेकर आ रहे थे। रास्ते में ही उनकी डिलीवरी हो गई। अस्पताल पहुंचने पर प्रसूता को प्राथमिक उपचार दिया गया और लगातार निगरानी में रखा गया है। फिलहाल महिला की हालत स्थिर है और वह सुरक्षित है। इस घटना ने मंडला जिले की स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन एम्बुलेंस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। अब परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।