खरगोन जिले में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। सोमवार दोपहर मौसम ने अचानक करवट ली और तेज धूप के बाद आसमान में घने बादल छा गए। कुछ ही देर में गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। करीब तीन घंटे तक हुई वर्षा के दौरान मौसम पूरी तरह बदल गया। पिछले कई दिनों से उमस और भीषण गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली और तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
बीते सप्ताह तेज बारिश के बाद मौसम साफ हो गया था, जिससे दिन में तेज धूप और उमस का असर लगातार बढ़ रहा था। सोमवार की बारिश ने इस सिलसिले पर विराम लगाते हुए लोगों को राहत पहुंचाई। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश के कारण मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने बदले हुए मौसम का आनंद लिया। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में मानसून दोबारा मजबूत हुआ है। अगले कुछ दिनों तक जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। विभाग ने कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी भी जारी की है।
ये भी पढ़ें- बरसात में गड्ढों पर सख्ती, धीमे काम पर फटकार, संभागायुक्त बोले-सड़कें खराब मिलीं तो जिम्मेदारी तय होगी
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश खरीफ सीजन की फसलों के लिए काफी लाभदायक साबित होगी। पर्याप्त नमी मिलने से किसानों को बुआई में तेजी लाने का अवसर मिलेगा, वहीं पहले से बोई गई फसलों को भी नया जीवन मिलेगा। इसके अलावा कुएं, तालाब और अन्य जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ने से सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को भी फायदा होने की उम्मीद है।
हालांकि जिले के कुछ इलाकों में बारिश ने परेशानी भी बढ़ाई है। रविवार को टांडा बरुड, भगवानपुरा क्षेत्र में हुई तेज वर्षा से नदी-नाले उफान पर आ गए। टांडा बरुड स्थित मोहिनी नदी में बाढ़ जैसा दृश्य देखने को मिला, जिससे कुछ समय के लिए जनजीवन प्रभावित रहा। कई खेतों में पानी भर जाने से किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता भी सताने लगी। फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और तेज बारिश के दौरान नदी-नालों को पार करने से बचने की सलाह दी है। यदि मानसून की यह सक्रियता बनी रहती है तो आने वाले दिनों में जिले में अच्छी बारिश की संभावना है, जिससे कृषि और जल संसाधनों को बड़ा लाभ मिल सकता है।