मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के पंधाना थाना में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात एक आदिवासी युवक के लॉकअप में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने चोरी के मामले में संदेह होने पर युवक को पकड़ा था और उससे पूछताछ कर रही थी। लेकिन, देर रात युवक ने लॉकअप में चादर की मदद से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। मामले की जानकारी मिलते ही सुबह एडिशनल एसपी मौके पर पहुंचे और घटना के बारे में पूछताछ की। युवक के शव का जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
बताया जा रहा है कि आदिवासी युवक धर्मेंद्र पिता गुमान सिंह ने देर रात लॉकअप के भीतर चादर को फाड़कर उसकी रस्सी से फंदा बनाया और रोशनदान से बांध दिया। इसके बाद बाल्टी पर चढ़कर गदे में फंदा डालकर झूल गया। पुलिसकर्मियों ने उसे फंदे से लटके देखा तो थाने में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उसे उतारकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। देर रात ही उसके शव को जिला अस्पताल भिजवाया गया, जहां आज उसका पोस्टमार्टम कराया जाएगा। युवक के परिजनों को भी घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर भी पंधाना थाना पहुंचे और मौके का मुआयना किया। पुलिस फिलहाल इस घटना की जांच कर रही है।
बता दें कि मृतक धर्मेंद्र झिरनिया का रहने वाला था, लेकिन कुछ दिनों से दीवाल गांव स्थित अपने ससुराल में रह रहा था। हाल ही में पंधाना थाना अंतर्गत आने वाले दीवाल गांव में तीन घरों के ताले तोड़कर चोरी की वारदात अंजाम दी गई थी, जिसमें करीब 20 लाख रुपए का माल चोरी हुआ था। इसी सिलसिले में पुलिस ने कुछ लोगों से पूछताछ की थी, जिसमें धर्मेंद्र भी शामिल था। उसे पुलिस ने पूछताछ के लिए थाने के लॉकअप में रखा था, लेकिन इस दौरान धर्मेंद्र ने लॉकअप में ही आत्महत्या कर ली।