मध्यप्रदेश के खंडवा नगर में बाइक लूट का एक अनोखा मामला सामने आया है, जिसमें बदमाशों ने पहले खुद को पुलिसकर्मी बताया, फिर बीमा कंपनी का एजेंट बन गए और अंत में बाइक लूटकर फरार हो गए।
दरअसल, तीन बदमाशों ने पहले खुद को पुलिसकर्मी बताकर शहर में काम से आए एक ग्रामीण की बाइक रोक ली, फिर उसे थाने ले जाने के बहाने मौका मिलते ही बाइक लेकर रफूचक्कर हो गए। अब शहर के मोघट थाना की असली पुलिस उन नकली पुलिस वालों की तलाश कर रही है।
घटना खंडवा शहर के मानसिंग तिराहे के पास की है, जहां तीन बदमाशों ने नकली पुलिसकर्मी बनकर एक बाइक सवार को रोक लिया। बदमाशों ने उसे गाड़ी पर नंबर प्लेट न लगी होने के नाम पर 25,000 रुपये के चालान का डर दिखाया। इसके बाद उन्होंने गाड़ी के कागजात मांगे, लेकिन उनमें कमी बताकर गाड़ी जब्त करने की धमकी दी और फिर गाड़ी को थाने ले जाने का बहाना बनाया।
इसी बीच, एक बदमाश ने युवक की बाइक अपने हाथ में ले ली और उसे पीछे बैठा लिया। लेकिन रास्ते में मौका मिलते ही पीछे बैठे युवक को धक्का देकर नीचे गिरा दिया और उसकी बाइक लेकर फरार हो गया। इस दौरान दो अन्य साथी भी दूसरी बाइक से भाग निकले।
मामले की जानकारी मिलते ही युवक की शिकायत पर मोघट थाना पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, ग्राम रुस्तमपुर निवासी संतोष राठौर अपनी बाइक लेकर शहर आए थे। जब वे मानसिंह मिल तिराहे के पास पहुंचे, तभी अचानक तीन बाइक सवारों ने उन्हें रोक लिया।
उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताकर कहा कि चेकिंग अभियान चल रहा है और गाड़ी के कागजात दिखाओ। जब संतोष राठौर ने कागजात दिखाए, तो बदमाश आनाकानी करने लगे और पुलिस की तरह रौब झाड़ते हुए कहा कि कागजात में कमी है, गाड़ी थाने लेकर चलो। जब वे लोग शहर के कहारवाड़ी चौक तक पहुंचे, तो युवक को धक्का देकर नीचे गिरा दिया और बाइक लेकर भाग निकले।
पुलिस अब बदमाशों का पता लगाने के लिए मानसिंग मिल से कहारवाड़ी तक की दुकानों और सड़कों पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। इसी जांच के दौरान एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है, जिससे पूछताछ जारी है।