मध्यप्रदेश के खरगोन जिले की कसरावद ब्लॉक अंतर्गत शिक्षा विभाग से लाखों रुपये का गबन कर फरार हुए बाबू को लंबे समय बाद पुलिस को पकड़ने में सफलता मिली है। विभाग से करीब 17 लाख रुपये गबन मामले में फरार चल रहे सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी को पुलिस ने उसके साथी के साथ गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ही करीब तीन साल से फरार चल रहे थे। हालांकि, इस मामले का तीसरा आरोपी स्कूल का भृत्य फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है।
खरगोन के विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कसरावद दिलीप पिता भालचंद्र करपे ने खलटांका चौकी पर दिए एक प्रतिवेदन में सुमेर सिंह मंडलोई सशिप्रावि जरवाह रोड पिपरी के प्रकरण में दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का आवेदन दिया था। उन्होंने स्कूल के ही सहायक ग्रेड- 3 हितेश निरगुडे, संकुल केंद्र मगरखेड़ी द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर करीब 17 लाख रुपये की धोखाधड़ी करना और अवैध धन लाभ अर्जित करने का आरोप लगाया था। उसके बाद पुलिस ने कई धाराओं में मामला दर्ज कर जांच में लिया था।
जांच के दौरान पुलिस टीम के द्वारा आरोपियों की तलाश के लिए प्रयास किए जा रहे थे और उनके कई संभावित ठिकानों पर भी दबिश दी गई थी। लेकिन उन्हें पकड़ने में सफलता नहीं मिल सकी। हालांकि, जानकारी मिल रही थी कि वे बीते चार वर्ष से इंदौर एवं आसपास के क्षेत्रों में फरारी काट रहे थे। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि हितेश निरगुडे और अंतिम दोनों महेश्वर आए हुए हैं, जहां से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
वहीं इस मामले में खलटांका पुलिस चौकी प्रभारी ने बताया कि साल 2021 में मगरखेड़ी स्कूल के प्रधान पाठक की शिकायत पर उनकी चौकी में धारा-420 सहित अन्य धाराओं से जुड़ा एक मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोपी हितेश निरगुणे जो की सहायक ग्रेड-3 के पद पर इस स्कूल में पदस्थ था और उसका एक साडू भाई अंतिम पीपलदे सहित स्कूल के भृत्य कुंदन सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
उसके बाद से ही तीनों आरोपी फरार थे। इसी बीच रविवार देर शाम हमें सूचना मिली थी कि तीनों में से दो आरोपी के महेश्वर में होने की जानकारी मिली थी, जिन्हें पुलिस टीम के द्वारा पकड़ा गया। जहां हितेश निरगुणे के साथ ही उसका साडू भाई अंतिम पीपलदे भी उसके साथ पकड़ाया है और दोनों ही आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।