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Khargone: लोकमाता अहिल्याबाई को लेकर निकली मानवंदन यात्रा, ABVP ने बताया सोए हुए हिंदू स्वाभिमान का होगा जागरण

Thu, 14 Nov 2024 05:03 PM IST
खंडवा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन

मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर नगर में देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर गुरुवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा कई आयोजन किए गए, जिनमें लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के त्रिशताब्दी जन्मोत्सव के संदर्भ में मान वंदना यात्रा का आयोजन किया गया। महेश्वर के अहिल्या घाट पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए, जिन्हें वक्ताओं ने लोकमाता अहिल्याबाई के जीवन से जुड़ी बातें बताते हुए उन्हें अपने जीवन में भी अपनाने की सीख दी। वक्ताओं ने बताया कि यह यात्रा स्वाभिमान के जागरण की यात्रा है और हिंदू स्वाभिमान को जागृत करते हुए हमें देश के अमृत काल 2047 तक अपने जीवन को सार्थक बनाना है।

खरगोन जिले के महेश्वर में लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर के त्रिशताब्दी जन्मोत्सव के अवसर पर कई प्रकार के आयोजन किए जा रहे हैं। इस कड़ी में गुरुवार को अहिल्या घाट पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में संगठन की राष्ट्रीय मंत्री शालिनी वर्मा भी शामिल हुईं, जिन्होंने छात्र-छात्राओं को विद्यार्थी परिषद के इतिहास और इसके कार्यों के बारे में बताया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता और अखिल भारतीय सचिव माला ठाकुर ने लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर के जीवन और उनके द्वारा किए गए लोकहित कार्यों पर प्रकाश डाला।

इसके बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा निकाली गई मान वंदना यात्रा की शुरुआत महेश्वर के अहिल्या घाट से हुई। नगर परिषद अध्यक्ष अलका गजराज यादव ने भगवा ध्वज के साथ यात्रा की अगवानी की। यह यात्रा नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए रवाना हुई। यात्रा का समापन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अधिवेशन गोरखपुर में होगा। इस यात्रा में सैकड़ों की संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं और गणमान्य नागरिक शामिल हुए।

माला ठाकुर ने बताया कि मां अहिल्याबाई को पूरे भारत को एक करने की चिंता थी। उन्होंने यह भी बताया कि देवी अहिल्याबाई ने धनगर समाज के लिए काम किया, जिसमें समाज की मान्यता के अनुसार पति की कमाई का एक चौथाई हिस्सा स्त्री को मिलता है। इस हिस्से से उन्होंने पूरे देश भर में घाट, मंदिर और अन्य संरचनाओं का निर्माण कराया और इसके संचालन को दूरदृष्टि से किया। उन्होंने कहा कि हमें जीवन में आने वाली समस्याओं का साहस के साथ सामना करने की सीख महिला के दृढ़ संकल्प से लेनी चाहिए।

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