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Khargone: बबलाई में पहली बार हुआ भगोरिया पर्व, आदिवासी समाज की भारी भीड़, ढोल-मांदल की थाप पर थिरके लोग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन Updated Fri, 14 Mar 2025 03:24 PM IST

मध्यप्रदेश के खरगोन जिले की महेश्वर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बबलाई में पहली बार भव्य भगोरिया पर्व का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आदिवासी समुदाय के लोग बड़ी संख्या में भगोरिया हाट में पहुंचे और पूरे उत्साह के साथ पर्व का आनंद लिया। सुबह 11 बजे से शुरू हुआ यह आयोजन देर शाम तक चलता रहा।

भगोरिया पर्व में पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे आदिवासी समुदाय के लोग उमंग और मस्ती से सराबोर होकर ढोल-मांदल की थाप पर जमकर नृत्य करते नजर आए। आयोजन की शुरुआत जननायक शहीद टंट्या मामा के स्मारक की पूजा-अर्चना के साथ की गई। यह आयोजन ग्राम पंचायत बबलाई के साथ-साथ जय आदिवासी युवा शक्ति महेश्वर, एकलव्य आदिवासी भील सेवा समिति, बिरसा ब्रिगेड और नेचुरल कम्युनिटी महेश्वर के संयुक्त प्रयास से संपन्न हुआ।

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मध्यप्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में होली से पहले भगोरिया पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व न केवल आदिवासी संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है, बल्कि पारंपरिक वस्तुओं के व्यापार का भी प्रमुख अवसर होता है। बड़ी संख्या में आदिवासियों की उपस्थिति को देखते हुए महेश्वर थाना प्रभारी जगदीश गोयल के नेतृत्व में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।



एकलव्य आदिवासी भील सेवा समिति के अध्यक्ष राजाराम मोहरे और जयस महेश्वर तहसील अध्यक्ष जितेंद्र बारिया ने भगोरिया पर्व के सफल आयोजन के लिए सभी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने आदिवासी समुदाय को अपनी संस्कृति का जश्न मनाने का अवसर दिया है और विभिन्न समुदायों के बीच एकता को भी मजबूत किया है।

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इस भव्य भगोरिया पर्व में संकरी बाई दशरथसिंह रावत, बबलाई सरपंच, एकलव्य आदिवासी भील सेना के पदाधिकारी, तथा हजारों की संख्या में आदिवासी समाजजन शामिल हुए। इस पर्व के सफल आयोजन ने बबलाई में सांस्कृतिक जागरूकता और पारंपरिक मूल्यों को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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