देश-प्रदेश की सरकारें स्कूल और कॉलेजों में रैगिंग रोकने के लाख दावे करें, बावजूद इसके हकीकत इसके ठीक उलट है। रैगिंग से जुड़ी ऐसी ही एक घटना मध्यप्रदेश के खंडवा नगर में सामने आया है। जहां नगर के कृषि महाविद्यालय के प्रथम वर्ष के छात्रों ने अपने सीनियर छात्रों पर रैगिंग कर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। छात्रों के अनुसार, उन्होंने कॉलेज मैनेजमेंट सहित स्थानीय छात्र संगठन को इसके बारे में बताया था। साथ ही छात्र संगठन के सदस्यों से इस मामले में उन्होंने मदद भी मांगी थी, जिसके बाद पीड़ित छात्रों के साथ कॉलेज पहुंचे संगठन के एक सदस्य के साथ भी दौड़ा-दौड़ा कर मारपीट करने के साथ ही गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई है।
वहीं, छात्र संगठन के सदस्य को दौड़ाते हुए मारने का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक युवक के पीछे करीब 30 से 40 युवा भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद यह पूरा मामला शहर के कोतवाली थाने पहुंचा, जहां मारपीट में घायल छात्र कॉलेज के सीनियर छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज करने की बात कह रहा है, तो वहीं कॉलेज छात्रों के समर्थन में थाने पहुंचे कॉलेज के डीन कॉलेज कैंपस में रैगिंग जैसी किसी भी तरह की घटना से इनकार कर रहे हैं। हालांकि, फिलहाल शहर की कोतवाली थाना पुलिस छात्रों के साथ रैगिंग जैसी इस गंभीर घटना को लेकर मामले की जांच में जुट गई है।
खंडवा जिले के जसवाड़ी रोड स्थित भगवंत राव कृषि महाविद्यालय के हॉस्टल में रह रहे प्रथम वर्ष के छात्रों के साथ रैगिंग की घटना जैसा बड़ा मामला सामने आया है। इसको लेकर शहर के कोतवाली थाना पहुंचे प्रथम वर्ष के तीन छात्रों ने अपने सीनियर छात्रों पर कॉलेज परिसर एवं हॉस्टल में ही रैगिंग करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत लेकर थाने पहुंचे पीढ़ीत छात्र गुर्जर ने बताया कि उन्होंने पीएटी एग्जाम के बाद खंडवा के कृषि कॉलेज में एडमिशन लिया है। लेकिन उसके बाद से उन्हें कॉलेज में रैगिंग की समस्या आ रही है। एडमिशन के समय सीनियर छात्रों ने मिस गाइड किया था कि बाहर लोग खराब हैं और व्यवस्था यहां नहीं रहती हैं और हम सब सीनियर हॉस्टल में रहते हैं तो यहां सभी सुविधाएं आसानी से मिल जाती हैं।
पीड़ित छात्र बोला, इस तरह सीनियर लेते हैं उनकी रैगिंग
वहीं पीड़ित छात्र ने आरोप लगाया है कि जब वे हॉस्टल गए तो उनके साथ रैगिंग जैसी घटना शुरू हुई। उनके बाल कटवा दिए गए, रोजाना ही सेविंग करने का कहा गया। इसके बाद देर शाम रोजाना फर्स्ट ईयर के सभी 43 छात्रों को एक ही रूम में तीसरा बटन देखते हुए रात के एक से दो बजे तक खड़ा रखते हैं। लाइन लगाकर सबको मारते हैं। गंदी चीज सिखाते हैं। प्रोफेसरों की रिस्पेक्ट करने से मना करते हैं। हॉस्टल से बाहर किसी को जाने नहीं देते हैं और जो जाता उन्हें मारने के लिए हमें उकसाते हैं।
हॉस्टल से बाहर रहने वालों को कहीं पार्टिसिपेट नहीं करने देते हैं। स्पोर्ट कंपलेक्स नहीं जाने देते हैं। कोई अदर एक्टिविटी करने नहीं देते हैं। यहां तक की एक साथी का ग्वालियर के एक कंपटीशन में सेलेक्शन हुआ, तो उसे धमका कर मना करवा दिया गया। यह सब देखकर जब हम हॉस्टल से बाहर रहने लगे तो हमें फिर से धमकियां मिलने लगी की सीनियर को विश करो। उनसे आई कांटेक्ट मत बनाओ। उनसे बोलो मत और चुपचाप लाइन में बैठो। इस तरह के काम सेकेंड, थर्ड और फोर्थ ईयर के छात्र हम सभी प्रथम वर्ष के छात्रों से करवाते हैं और कहते हैं कि हमने भी रैगिंग दिए हैं, इसलिए तुम भी दोगे और इसमें कॉलेज डीन भी कुछ नहीं बिगाड़ सकते।
मदद करने पहुंचे छात्र संगठन के सदस्य को जमकर मारा
वहीं, पीड़ित छात्र ने बताया कि आज जब वे कॉलेज पहुंचे तो उनके साथ गाली-गलौज की गई और कॉलेज से बाहर आने का बोला गया, जिस पर उन्होंने छात्र संगठन के सदस्यों से मदद करने की गुहार लगाई। जब वे डीन सर से बात करने कॉलेज पहुंचे तो उन्हें सीनियर छात्रों ने डंडे वगैरह लेकर खूब मारा और उनकी गाड़ी भी तोड़ दी। और उन्हें भी मारने दौड़े, तो उन्हें वहां से मजबूरी में भागना पड़ा। फिर वे यहां थाने आए और यहां अभी बोला है कि जो भी होगा इसमें कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर पहले भी हमने डीन सर को चार-पांच नाम सीनियर छात्रों के दिए थे और उन्होंने हमारा सपोर्ट करते हुए पूरी मदद का भरोसा दिलाया था।
एक छात्र के साथ मारपीट जैसी घटना को रैगिंग नहीं मानते कॉलेज डीन
इधर, इस मामले में कोतवाली थाने पहुंचे कॉलेज दिन ने बताया कि रैगिंग जैसी कोई भी जानकारी कॉलेज प्रशासन को नहीं दी गई है और यह तीनों छात्र अपने परिजन के साथ आकर हॉस्टल में नहीं रहने का बताए थे। और उन्होंने बताया था कि उनके साथ के कुछ छात्र हॉस्टल छोड़कर जाने पर अच्छा नहीं होगा की धमकी दिए थे और आज अचानक उन्हें बताया गया कि आपके कॉलेज में मारपीट हुई है। जहां उन्हें मालूम चला कि किसी युवक ने गार्ड से गाली गलौज की थी, जहां हमारे लड़के दौड़कर गए थे। इसके बाद कॉलेज में पुलिस पहुंची थी, जो आठ छात्रों को पूछताछ के लिए साथ ले जाना चाहते थे, जिस पर वे उनको यहां साथ लेकर आये हैं, जिनमें लड़के और लड़कियां शामिल हैं। वहीं उन्होंने एक छात्र के साथ इस तरह की घटना होने को लेकर उसे रैगिंग जैसी घटना नहीं माना है।
कृषि कॉलेज में छात्रों के साथ रैगिंग का मामला आया सामने