मध्यप्रदेश की मोहन सरकार के एक और एसडीएम का अब एक महिला को धमकाने का वीडियो सामने आया है। इसमें वे पीने का पानी मांग रहीं गृहिणी महिला को कार्रवाई करने की बात से धमकाते दिख रहे हैं। दरअसल शहर की कुछ महिलाओं ने अपने क्षेत्र में पीने का पानी नहीं आने के चलते सड़क पर चक्का जाम करने की कोशिश की। जिस पर पहुंचे खंडवा एसडीएम की महिलाओं से तीखी बहस हो गई और एसडीएम ने महिला पर एफआईआर कर कार्रवाई करने की धमकी दे डाली। बता दें कि, हाल ही में बड़वानी एसडीएम ने भी सूरज-चांद नहीं देखने देने की धमकी दी थी, जिसके बाद अब खंडवा एसडीएम भी उन्हीं की राह पर चलते दबंग अफसर बन कर आम लोगों को धमकाते दिख रहे हैं।
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खंडवा नगर में पेयजल सप्लाई करने वाली नर्मदा जल योजना की पाइप लाइन आए दिन फूट रही है। इसके चलते शहर में गर्मी के शुरुआती दिनों में ही जल संकट जैसी स्थिति निर्मित हो रही है। इस बीच रविवार को भी शहर के कई क्षेत्रों में पाइप लाइन फूटने के चलते पीने तक का पानी नहीं पहुंचा। इससे गुस्साई इंदिरा चौक क्षेत्र की महिलाओं ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया। इधर चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासन के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। जहां खंडवा एसडीएम बजरंग सिंह बहादुर की महिलाओं को समझाइश देने के दौरान, महिलाओं से जमकर बहस हो गई। जिस पर एसडीएम बजरंग बहादुर ने पीने के पानी की मांग कर रही महिलाओं पर कार्रवाई करने की बात कह दी। हालांकि महिलाओं ने भी तुरंत उन्हें कह दिया कि, इस तरह की भाषा आपको शोभा नहीं देती। वे लोग तो पानी नहीं मिलने से पहले ही परेशान हैं और ऐसे में उनकी परेशानी हल करने के बजाए उन्हें धमकाया जा रहा है।
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दंडात्मक कार्रवाई करने का नहीं था इरादा
इधर बहस का वीडियो वायरल होने पर खंडवा एसडीएम बजरंग बहादुर ने सफाई देते हुए कहा कि कुछ लोगों ने इंदिरा चौक पर चक्काजाम कर दिया था। उन्हें नगर निगम द्वारा पेयजल की सप्लाई की समस्या थी। जब हम उन्हें चक्काजाम समाप्त करने के लिए समझाइश दे रहे थे। तब महिलाएं हमारी बात को अनसुना कर रही थीं, जिसके चलते बहस की स्थिति बन गई। इसलिए हमने उन्हें समझाने की नीयत से ही इस तरह की बात कही थी। बाकी हमारा कोई दंडात्मक कार्रवाई करने का इरादा नहीं था।