मध्यप्रदेश के खरगोन नगर में एसडीएम की मौजूदगी में किसानों द्वारा सीसीबी कार्यालय पर ताला जड़ने का मामला सामने आया है। दरअसल यह पूरा मामला निजी कंपनी की खाद के प्रचार- प्रसार करने के दौरान हुए भृष्टाचार से जुड़ा बताया जा रहा है। इसको लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर स्थित सीसीआई कपास खरीदी सहित, जिला सहकारी केंद्रिय बैंक के प्रबंध संचालक के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कार्यालय के बाहर धरना दे दिया। इस दौरान महासंघ ने भारतीय किसान निगम की कपास खरीदी प्रक्रिया को लेकर अपना आक्रोश दर्ज कराते हुए, कृषि उपज मंडी में भी धरना प्रदर्शन किया। यहां किसान पहले कृषक भवन में इकट्ठा हुए, जिसके बाद वे करीब दो घंटे चले धरना प्रदर्शन के बाद एसडीएम कार्यालय भी पहुंचे। वहां किसानों ने अपनी 18 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपकर उनके त्वरित निराकरण की मांग की। इस ज्ञापन के बाद ये सभी किसान शाम करीब 4 बजे जिला सहकारी केंद्रिय बैंक भी पहुंचे थे।
खरगोन के केंद्रीय बैंक में बुधवार शाम पहुंचे किसानों ने प्रचार- प्रसार के नाम पर निजी खाद कंपनियों को लाभ पहुंचाते हुए लाखों रुपए का भ्रष्टाचार किए जाने का गंभीर आरोप लगाए। यही नहीं, किसानों ने सीसीबी संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। यहां प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कार्यालय के प्रवेश द्वार पर ताला लगाकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था, जो कि देर शाम तक भी जारी रहा। हालांकि इस बीच किसानों को एसडीएम बीएस कलेश, सीसीबी संचालक पीएम धनवाल सहित थाना प्रभारी बीएल मंडलोई ने समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन किसानों का प्रदर्शन जारी रहा। सीसीबी संचालक पीएम धनवाल ने किसानों को कहा कि उक्त प्रचार-प्रसार के आदेश शासन स्तर पर थे, जिसके समस्त निर्देश उनके पास हैं, और इसमें कोई भ्रष्टाचार नही किया गया है। उन्होंने कहा कि फिर भी यदि किसी सोसायटी को आशंका है तो, वह शिकायत कर जांच करा सकती है।