फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पानी मांगने पर FIR: तीन महिला समेत आठ लोगों पर मामला दर्ज, सांसद बोले- मांग करना जनता का अधिकार, अधिकारी पर...

Mon, 14 Apr 2025 07:00 PM IST
खंडवा ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा

मध्यप्रदेश के खंडवा शहर में पीने के पानी की मांग करने पर आठ से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में क्षेत्रीय सांसद ने भी ऐसे अधिकारी पर कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं, पीड़ित महिलाओं और कांग्रेस नेताओं ने भी इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे अन्याय बताया है।

खंडवा शहर के कई वार्ड में इन दिनों विश्वा कंपनी की वजह से कृत्रिम जल संकट बना हुआ है। यहां पेयजल वितरण कर रही विश्वा कंपनी की पाइप लाइन बार-बार फूट रही है। ऐसे में खंडवा निगम टैंकरों से पानी सप्लाई कर व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन लोगों का कहना है कि टैंकरों का पानी पीने योग्य नहीं है। क्योंकि टैंकरों से जो पानी आ रहा है, वह गंदा है। इसको लेकर ही गुस्साए लोगों ने सड़कों पर आकर चक्काजाम किया था। उसके बाद बाहेती कॉलोनी के आठ से अधिक रहवासियों पर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज करवा दी। इस मामले में पुलिस ने सिविल लाइन निवासी निगम इंजीनियर की शिकायत पर आठ लोगों पर बीएनएस की धारा- 223, 3 (5) के अंतर्गत कार्रवाई की है। इसमें बाहेती कॉलोनी की तीन महिलाओं समेत आठ नामजद और अन्य लोगों पर मामला दर्ज किया गया है।

यह भी पढ़ें: पीने का पानी मांगा तो मिला FIR, महिलाओं और खंडवा SDM के बीच हुई तकरार, जानें मामला

वहीं, खुद पर एफआईआर दर्ज होने के बाद नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौर ने कहा कि खंडवा पहला शहर है, जहां पानी मांगने पर एफआईआर मिलती है। बार-बार पाइप लाइन फूटने के कारण शहर में जल संकट है। लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। हम लोग पानी वितरण कंपनी विश्वा के खिलाफ एफआईआर की मांग कर रहे हैं। लेकिन हमारे ऊपर ही FIR दर्ज कर दी गई है।

यह भी पढ़ें: अब खंडवा SDM की धमकी, पीने का पानी मांग रही महिलाओं को कार्रवाई के नाम से धमकाया, दी ये सफाई

इधर, पानी के लिए चक्का जाम और विरोध कर रही महिलाओं पर FIR दर्ज होने को लेकर खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने भी इसे गलत बताया है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कुछ हुआ है तो उसको भी संज्ञान में लेकर उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करवाएंगे। यह जनता का हक और अधिकार है। यदि उन्हें मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं और मूलभूत सुविधाओं के लिए अगर वे लोग मांग करते हैं तो उनकी यह मांग उचित है और उनकी समस्या का समाधान करना हम जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का कर्त्तव्य है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें