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MP: ओंकारेश्वर को इंदौर निगम के हवाले करने की मांग से सियासत गर्म, विधायक के सुर में सुर मिलाते दिखे सांसद

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा Updated Sat, 06 Jun 2026 09:55 PM IST

मध्यप्रदेश में सिंहस्थ 2028 की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इसके तहत खंडवा जिले की धार्मिक नगरी ओंकारेश्वर में स्वच्छता, पार्किंग और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कई विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसी बीच तीर्थनगरी की व्यवस्थाओं को लेकर मांधाता विधायक नारायण पटेल के एक बयान ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। विधायक नारायण पटेल ने सुझाव दिया कि सिंहस्थ से पहले ओंकारेश्वर के बेहतर विकास और व्यवस्थाओं के लिए इसका संचालन एवं प्रबंधन इंदौर नगर निगम को सौंप दिया जाना चाहिए। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए पटेल के इस बयान को लेकर विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का मौका मिल गया है। सांसद ने किया समर्थन
खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने विधायक के सुझाव का समर्थन करते हुए कहा कि इंदौर नगर निगम स्वच्छता और नगरीय प्रबंधन के क्षेत्र में देशभर में मिसाल रहा है। यदि उसके अनुभव और संसाधनों का लाभ ओंकारेश्वर को मिलता है तो तीर्थनगरी के विकास और सिंहस्थ की तैयारियों को मजबूती मिलेगी। सांसद ने बताया कि इस संबंध में उनकी इंदौर महापौर से भी चर्चा हुई है और महापौर ने सहयोग का आश्वासन दिया है।

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वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे को सरकार और प्रशासन की विफलता बताते हुए भाजपा को घेरा है। कांग्रेस का कहना है कि यदि ओंकारेश्वर की व्यवस्थाएं संतोषजनक होतीं तो स्थानीय विधायक को ऐसा सुझाव देने की जरूरत नहीं पड़ती। विपक्ष पर सांसद का पलटवार
कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि ओंकारेश्वर में स्वच्छता और अन्य सुविधाओं के लिए सरकार एवं प्रशासन लगातार काम कर रहे हैं और व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। विधायक ने केवल सुधार के उद्देश्य से सुझाव दिया है, लेकिन विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने में लगा है। वीआईपी दौरों से पहले बढ़ी चर्चा
गौरतलब है कि आने वाले दिनों में राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री का ओंकारेश्वर दौरा प्रस्तावित है। ऐसे में विधायक के बयान से उपजे विवाद ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। कांग्रेस जहां इसे प्रशासनिक विफलता का प्रमाण बता रही है, वहीं भाजपा संगठन मामले को संभालने में जुटा हुआ है। हालांकि स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की समस्याओं को लेकर सवाल अभी भी बने हुए हैं।

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