मध्यप्रदेश के खंडवा जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को सोयाबीन की खराब फसल लेकर जिले के कई गांवों के किसान पहुंचे थे। यहां पहुंचे किसानों ने बताया कि क्षेत्र में लगातार बारिश होने से खेतों में खड़ी सोयाबीन की फसल खराब हो गई है। अब यदि वे फसल कटवाएंगे भी तो ऐसे में उनकी लागत भी नहीं निकलने वाली है। इसके चलते किसानों ने सोयाबीन की फसल का सर्वे करवाने और पिछले साल हुआ फसल नुकसानी और सोयाबीन की फसल का बीमा क्लेम दिलवाने की मांग करते हुए कृषि अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
खंडवा जिले के ग्रामीण अंचल के आधा दर्जन गांव जिनमें जलकुआ, सुतार खेड़ा, खेड़गांव, बड़गांव गुर्जर के किसान मंगलवार को अपनी सोयाबीन की खराब हुई फसल लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। जहां किसानों ने जिले के कृषि विभाग के उप संचालक को सोयाबीन की खराब हुई फसल दिखाते हुए नुकसानी का सर्वे करवाए जाने की मांग की। इसके साथ ही किसानों ने उनकी पिछले साल खराब हुई सोयाबीन की फसल का बीमा क्लेम भी जल्द से जल्द दिलवाये जाने की बात कही।
किसानों ने बताया कि लगातार एक माह बारिश होने से उनकी सोयाबीन की फसल खराब हो गई है। खेतों में फसलों की स्थिति ऐसी है कि अब उसमें उनकी लागत भी नहीं निकल पाएगी। साथ ही किसानों ने कहा कि पिछले साल भी उनकी सोयाबीन की फसल खराब हुई थी, जिसकी सरकार से राहत राशि तो जरूर मिली थी पर अभी तक उसका बीमा क्लेम नहीं दिया गया है। ऐसे में अगर उन्हें राहत राशि मिली है तो वे बीमा क्लेम के भी हकदार हैं, जो अभी तक भी उन्हें नहीं दिया गया है।
वहीं, किसानों की समस्या सुनने पहुंचे कृषि विभाग के उपसंचालक के सी वास्कले ने बताया कि खंडवा जिले में सोयाबीन की फसल अच्छी स्थिति में है। यहां आए किसानों द्वारा अपनी सोयाबीन की फसल खराब होने की बात कही गयी है, जिसको लेकर मौका मुआयना करवाया जायेगा। साथ ही किसानों के बीमा क्लेम को लेकर उन्होंने कहा कि बीमा कंपनी ने एक करोड़ 31 लाख रुपये का बीमा वितरण किया है। बीमा कम्पनी ने एक मुश्त राशि वितरण की जानकारी भी दी है। हमने कम्पनी से किसानों की सूची दिए जाने की मांग की है।