फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Khandwa: पहले खंडवा जनपद पंचायत की इस महिला आरपीएस अधिकारी के नाम से बनाई फेक आईडी, फिर मैसेज में की ये मांग

Wed, 04 Sep 2024 02:35 PM IST
खंडवा ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की एक वरिष्ठ महिला आरपीएस अधिकारी के नाम से सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाए जाने का मामला सामने आया है। इस अकाउंट को बनाने वालों ने उनके नाम से लोगों को मैसेज कर एक बीमार बच्ची का इलाज कराने को लेकर पैसे की भी मांग की। वहीं, इस सोशल मीडिया अकाउंट के साथ ही कई और आरपीएस, आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर इन पोस्टों को रिपोस्ट कर, इसे सच की तरह दिखाने की कोशिश की गई है। हालांकि, यह सब फेक है।

दरअसल, यह पूरा मामला खंडवा जनपद पंचायत के सीईओ निकिता मंडलोई के नाम से बनाए गए एक फेक सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़ा है, जिसमें महिला सीईओ के फोटो डालकर लोगों से आर्थिक मदद की मांग की जा रही है। मामला सामने आने के बाद से परेशान जनपद पंचायत की सीईओ निकिता मंडलोई ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर खंडवा पुलिस से भी इस मामले की शिकायत की है। वहीं, उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि वे इस तरह के किसी भी सोशल मीडिया अकाउंट का हिस्सा न बने और न ही किसी तरह की कोई राशि उनके खाते में जमा करें।

फेक अकाउंट में पुराने फोटोग्राफ का किया गया इस्तेमाल
इधर, इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए खंडवा जनपद के सीईओ निकिता मंडलोई ने बताया कि ट्विटर और फेसबुक पर उनके नाम से फेक आईडी बनाई गई हैं, जिसमें उनके कुछ पुराने फोटोग्राफ्स और ऑफिस के फोटोग्राफ को लेकर के कंटिन्यू कुछ पोस्ट डाली जा रही है और उसमें फॉलोअर्स बढ़ाए जा रहे हैं। सभी को मैसेज भी किए जा रहे हैं और एक गूगल-पे का नंबर और यूपीआई आईडी भी सर्कुलेट की जा रही है, जिसमें एक बीमार बच्ची को इलाज की आवश्यकता बोल कर के पैसे लेने की कोशिश की जा रही है।

ट्विटर हेडक्वॉर्टर को की गई है शिकायत
खंडवा जनपद सीईओ ने बताया कि इसको लेकर के कई जगह से उन्हें मैसेज भी आए हैं और उनके संज्ञान में आने पर इसको लेकर पहले भी उन्होंने इसकी रिपोर्ट कराई थी। अभी साइबर एक्सपर्ट की तरफ से ट्विटर हेड क्वॉर्टर को भी इसकी जानकारी दी गई है। इस अकाउंट को बंद करने को लेकर। और यही नहीं, इस अकाउंट के अलावा और भी कई सारे आरपीएस, आईएएस और आईपीएस के अकाउंट हैं, जो उन्होंने फेसबुक और ट्विटर पर फेक आईडी बनाई हुई है और उनके जरिए आपस में कई सारी पोस्टों को रिपोस्ट करके यह सब दिखाया जा रहा है कि वे सभी सच हैं, जबकि ऐसा नहीं है।

सीईओ मंडलोई ने आम लोगों से की यह अपील
वहीं, सीईओ मंडलोई ने मीडिया के माध्यम से भी आम लोगों से अपील की है कि अगर किसी को भी इस तरह से किसी अधिकारियों की आईडी से इस तरह के मैसेजेस आ रहे हैं, जिनमें यूपीआई नंबर दिया जा रहा है या यूपीआई नंबर मांगा जा रहा है या बताया जा रहा है तो यह पूरी तरह से फेक होता है। और कोई भी अधिकारी इस तरह से यूपीआई नंबर नहीं मांगता है, न बताता है। वहीं, इस फेक आईडी को लेकर उन्होंने कहा कि वे इसके संबंध में एफआईआर दर्ज करने भी आज जाने वाली हैं। जनपद पंचायत की सीईओ के नाम से बनाई फेक आईडी  

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें