खंडवा जिले की धार्मिक तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में गुरुवार को प्रदेश शासन के ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला दर्शन करने पहुंचे थे, जहां उन्होंने भगवान ममलेश्वर और भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन कर विधि विधान से पूजा पाठ की। इस दौरान उन्होंने ज्योतिर्लिंग भगवान को गर्भ गृह में जाकर जल अर्पित किया और प्रदेश के नागरिकों की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना भी की।
इस दौरान मंदिर ट्रस्ट की और से अनु विभाग के अधिकारी शिवम प्रजापति ने शाल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह देकर उनका स्वागत भी किया। इस दौरान मीडिया से चर्चा में मंत्री ने कहा कि भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने भगवान ने ही उन्हें यहां बुलाया है। यहां आकर मन प्रसन्न हुआ है और प्रदेश वासियों के लिए मंगल प्रार्थना की है। वहीं संत सिंगाजी थर्मल पावर प्लांट में घटिया कोयले का उपयोग होने पर मंत्री ने कहा कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है, जानकारी होने पर वे संबंधित जिम्मेदारों से बात करेंगे।
वहीं अपने एक दिन के ओंकारेश्वर प्रवास के दौरान कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि वे यहां भगवान ओंकारेश्वर और मां नर्मदा की शरण में आए हैं, बल्कि आये नहीं, इन्होंने ही उन्हें यहां बुलाया है। यहां मध्य प्रदेश की जनता में सुख समृद्धि रहे, और जनता खुशहाल रहे, यही कामना यहां की है। यहां जो नर्मदा नदी के ऊपर बना विश्व का पहला फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट है, उसका निरीक्षण करने भी जाएंगे। जो कि सबसे बड़ा और पानी पर विश्व के सबसे बड़े प्लांट में से एक है। इससे पूरे मध्य प्रदेश को बिजली की सुविधा मिल सकेगी और मध्य प्रदेश ऐसा राज्य है जो दिल्ली मेट्रो के साथ ही रेलवे को भी बिजली देने का काम कर रहा है ।
वहीं मीडिया से चर्चा के दौरान ओंकारेश्वर तीर्थ नगरी को फ्री बिजली की सौगात मिल सकती है, जैसे सवालों पर मंत्री ने कहा कि वे अभी ओंकारेश्वर दर्शन पश्चात सोलर प्लांट का निरीक्षण करने जा रहे हैं। वहां क्या कुछ संभावना है और इसके बाद आगे तीर्थ नगरी के लिए क्या कुछ हो सकता है, यह मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा कर विचार किया जाएगा।